
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरापुरा) के जर्जर भवन को लेकर जारी खींचतान के बीच भजनलाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस स्कूल के नवनिर्माण के लिए 18 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है, जिसके तहत 1 सितंबर 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस 18 लाख की राशि में 12 लाख रुपये DMFT फंड से और 6 लाख रुपये स्थानीय विधायक कोष से दिए गए हैं। दो दिन पहले इसी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था, जिसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ा और प्रशासन ने बजट की फाइल पास की।
सरकार के इस आदेश के आते ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक-दूसरे को वीडियो कॉल लगाकर इस फैसले पर खुशी जाहिर की। CJP ने इस वीडियो कॉल की पूरी बातचीत को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है।
वीडियो कॉल की शुरुआत में CJP सह-संयोजक आशुतोष रांका ने अभिजीत दीपके को सरकार के नए आदेश की जानकारी दी। रांका ने कहा, "हम जिस स्कूल में गए थे, जो भैंसों के तबेले में चल रहा था, उसका रिपेयर और कंस्ट्रक्शन वर्क 1 सितंबर से राजस्थान सरकार शुरू कर रही है। देर रात इसका सरकारी आदेश निकल गया है। अब हमारे बच्चों को तबेले में नहीं पढ़ना पड़ेगा।"
रांका ने आगे कहा, "कल भी हमने यही कहा था कि अगर सरकार को स्कूल ठीक करना ही था तो कर देते, टॉपिक वहीं खत्म हो जाता। जब हम वहां गए थे तो आप कह सकते थे कि हम स्कूल ठीक कर रहे हैं, वहां पत्थर मारने और हिंसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं थी। लेकिन आखिरकार स्कूल अच्छा बन रहा है, यह बड़ी बात है।"
वीडियो कॉल पर बात करते हुए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने हल्के-फुल्के अंदाज में हमले के दिन का जिक्र करते हुए कहा, "मुझे सबसे बढ़िया क्या लगा पता है? वो जो आंटी जी वीडियो में कह रही थीं कि ये लोग स्कूल गिराने आए हैं। मैंने कहा भाई स्कूल में गिराने के लिए बचा ही क्या है? स्कूल है कहां गिराने के लिए? जब पूरा स्कूल तबेले में चल रहा है, तो गिराने के लिए बचा ही क्या था!"
आशुतोष रांका ने स्थानीय विधायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अपनी गाड़ी पर हुए हमले के घटनाक्रम की पोल खोलते हुए बड़ा दावा किया रांका ने बताया कि विधायक के पीछे खड़े जिस शख्स ने ऑन-कैमरा पत्थर मारकर उनकी गाड़ी का कांच फोड़ा, उसी शख्स ने आधे घंटे बाद अपनी शर्ट चेंज कर ली और नेशनल मीडिया को इंटरव्यू देने लगा कि उसके हाथ में चोट लगी है।
इस पर अभिजीत दीपके ने हंसते हुए तंज कसा, "उसने फिल्म 'Welcome' थोड़ी ज्यादा बार देख ली होगी... कि मैं हॉकी का बहुत बड़ा प्लेयर था, मेरी एक टांग नकली है! गाड़ी पर पत्थर मारोगे और बेल्ट चलाओगे तो हाथ में दर्द तो होगा ही।"
हंसी-मजाक के बीच दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि उनकी लड़ाई सिर्फ 18 लाख का बजट स्वीकृत होने तक सीमित नहीं है।
आशुतोष रांका ने कहा कि पुलिस प्रशासन के पास घटना के सारे Unedited Videos मौजूद हैं। अगर राजस्थान पुलिस निष्पक्ष है, तो ऑन-रिकॉर्ड गाड़ियों में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं से मारपीट करने वाले उपद्रवियों को तुरंत गिरफ्तार करे। दीपके ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि हिंसा हमने फैलाई है तो हमें जेल में डाल दो, लेकिन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
इधर एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका ने सरकार के 'आदेश' पर ख़ुशी जताई है और इसे सीजेपी के आंदोलन की जीत बताया है।