जयपुर

कलश यात्रा से हुआ भागवत का आगाज

101 महिलाएं शामिल हुई कलश यात्रा में
2 min read
May 29, 2018
Jaipur Bhagwat katha
कलश यात्रा से हुआ भागवत का आगाज

जयपुर। जगतपुरा स्थित श्रीसीतारामजी मंदिर में पुरुषोत्तम मास में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के निमित्त सोमवार को 101 महिलाओं की कलशयात्रा गैटोर गांव के शिव मंदिर से बैंड बाजे के साथ निकली गई। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाती हुई चल रही थी। कलश यात्रा के मार्ग में राधे-राधे जपो चल आएंगे बिहारी, गोविन्द बोलो, गोपाल बोलो...श्याम धुनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलशयात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। भागवत कथा का महात्म्य समझाते हुए व्यास पीठ से आचार्य घनश्यामदास महाराज ने कहा कि श्रीमदभागवत सभी सुखों की जननी है। भागवत के श्रवण से मन को परम शांति मिलती है। प्रवक्ता प्रदीप शर्मा के अनुसार आज हिरण्याक्ष वध,कपिल उपाख्यान सहित अन्य प्रसंगों पर कथा करेंगे।

गोविन्द के दरबार में भागवत कथा 2 जून से

अधिक मास में भागवत एवं राम कथाओं का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में गोविन्ददेवजी मंदिर स्थित सत्संग भवन में 2 जून से श्रीमद्भागवत सप्ताह का आनंद महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 11 जून तक होने वाले आनंद महोत्सव में व्यासपीठ से बरसाना कथाचार्य श्रीजी अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को भक्ति रस की सरिता बहाएंगे। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी व युवाचार्य मानस गोस्वामी के सान्निध्य में होने वाले इस महोत्सच में 2 व 3 जून को अष्ट प्रहर हरिनाम संकीर्तन, 3 जून को पंडितों का पूजन व 4 से 10 जून तक भागवत कथा पर प्रवचन होंगे। सुबह नौ से दोपहर एक व दोपहर दो से शाम छह बजे तक भागवत के मूल पाठ होंगे तथा दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक भागवत कथा होगी।

प्रभु समर्पण से होते है प्रसन्न: आचार्य पांडे

विश्व जागृति मिशन के संथापक संत सुधांशु महाराज के आशिर्वाद से पुरुषोत्तम मास में जयपुर मंडल की ओर से बीस दुकान स्थित सत्संग भवन,आदर्श नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा में आचार्य कुलदीप पांडे ने कहा, जीव के जीवन में संकट आने के बाद जब वह परमात्मा की शरण में जाता है तो निश्चित तौर पर उसका कल्याण होता है। परमात्मा हमेशा समर्पण से ही प्रसन्न होते हैं, इसलिए हमेशा समर्पण का भाव रखना चाहिए। पांडे ने परमात्मा के भक्त के प्रति भाव को प्रगट करते हुए कहा कि 'जो तू आवे सात पग, तो मैं आऊँ साठ,यदि तू पाहन की पाट है तो मैं लोहे की लाट। इस प्रकार भागवत पूर्ण समर्पण की बात करती है। मंडल के महासचिव आरसी सेन ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 3 जून तक प्रतिदिन शाम 4:00 से 7:00 बजे तक सत्संग भवन में होगा।

Published on:
29 May 2018 01:13 pm