
तीखी गर्मी के चलते बाहर निकलना हुआ मुश्किल
चलती रही बादलों की आंख मिचौनी
जयपुर। राजधानी जयपुर से इस वर्ष अभी तक मानसूनी बादल रूठे हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि गर्मी व उमस के चलते आम लोगों के हाल—बेहाल हैं। आज सवेरे ही गुलाबी नगर की आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन बरसे नहीं। इसके बाद दोपहर तक बादलों की आंख मिचौनी चलती रही। आसमान में खिली धूप के चिलके से शहरवासी खासे परेशान रहे। इस दौरान एक—दो मिनट के लिए पड़ी फुहारों के बाद निकली तीखी धूप ने मौसम को उमस से भर दिया। इससे लोग खासे परेशान होते रहे।
बादलों की आवाजाही बढ़ी
प्रदेश में मानसून की सुस्त चाल के चलते बारिश का दौर धीमा रहा है। हालांकि बीते चौबीस घंटे में उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश क्षेत्र में बने उच्च वायुदाब क्षेत्र के असर से हवा की दिशा में बदलाव हुआ है और पुरवाई हवा का साथ मिलने पर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ने लगी है। ऐसे में मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटे में प्रदेश के पूर्वी जिलों में तेज बारिश होने के संकेत दिए हैं।
पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क
वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा है हालांकि मौसम तंत्र में हो रहे बदलाव के चलते आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान में भी मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। बीते चौबीस घंटे में बांसवाड़ा के जगपुरा में सर्वाधिक 92 व घाटोल में 55 मिमी पानी बरसा। ब्यावर 45,भीलवाड़ा के सरेरी डेम में 59,कोटा 26.9,प्रतापगढ़ के अरनोद में 41,राजसमंद 20,उदयपुर के सेमारी में 45 मिमी बारिश हुई। वहीं पाली, नागौर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, करौली, जैसलमेर, डूंगरपुर, दौसा, चित्तौड़ और भीलवाड़ा में भी हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई है।
दिन का तापमान बढ़ा
राजधानी में बीती शाम शहर के कई इलाकों में छितराई बौछारें गिरी। आज सुबह भी शहर में पुरवाई हवाएं चली और बादलों की आवाजाही बढ़ने पर आज झमाझम बारिश होने की उम्मीद बंधी है। हालांकि बादलों की आवाजाही के बीच धूप की आंखमिचौनी का दौर सुबह से बना रहा है। जयपुर जेएलएन रोड पर बीते चौबीस घंटे में 8 मिमी बारिश मापी गई है। वहीं आज सुबह से बह रही पुरवाई हवा के बावजूद दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। शहर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में बीते चौबीस घंटे में जलस्तर 309.10 आरएल मीटर पर स्थिर रहा है और बांध के केचमेंट क्षेत्र समेत देवली और मोतीसागर में भी करीब आधा इंच व उससे ज्यादा बारिश मापी गई है। वहीं त्रिवेणी 1.10 मीटर उंचाई पर बहने से बांध में धीमी रफ्तार से पानी की आवक हो रही है।