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बारिश है नहीं, धूप—उमस लोगों के माथे पर खींच रही चिंता की लकीरें

— राजधानी जयपुर में मानसून सुस्त रहने से पीने के पानी का गहराएगा संकट
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जयपुर

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Mohan Murari

Aug 16, 2018

Jaipur Weather

बारिश है नहीं, धूप—उमस लोगों के माथे पर खींच रही चिंता की लकीरें

जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में प्रतिदिन कम हो रहा है जलस्तर
गुलाबी नगर के बाशिंदों को करना पड़ सकता है पेयजल संकट का सामना

जयपुर। राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश से इस मानसूनी सीजन में इंद्र देव रूठे हुए हैं। प्रदेश में पहले दौर में थोड़ी बहुत बारिश हुई थी, लेकिन मानसून के दूसरे दौर में गुलाबी नगर सहित पूरे प्रदेश से बादलों ने ऐसा मुंह मोड़ा है कि लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाने देने लगी हैं। अगर आगामी कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो मरू प्रदेश में पेयजल को लेकर हालात भयावह हो सकते हैं। ऐसे हालात इसलिए बन सकते हैं कि क्योंकि प्रदेश में बांध रीते हैं और जिनमें थोड़ा बहुत पानी है। उनमें से कितना पानी पीने को मिलेगा और कितना सिंचाई के लिए कह नहीं सकते है।

जयपुर शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध के हालात भी विकट हैं। बांध से शहर को सप्लाई किए जा रहे पेयजल की कटौती जारी है। अगर बारिश नहीं हुई तो इस कटौती में और बढ़ोतरी होगी और लोगों को पीने को पानी कम मिलेगा।

रामगढ़ बांध सूखा
सालों तक जयपुर को पानी पिलता रहा रामगढ़ बांध पहले अतिक्रमण की मार झेलते हुए मरणासन्न हो चुका है। न्यायालय के आदेश भी मिलीभगत कर किए अतिक्रमण का जाल नहीं तोड़ पाए और बांध में पानी आवक के सारे रास्ते बंद हैं। सरकारी अमला भी न्यायालय की फटकार के बाद खानापूर्ति के लिए पहुंचता है और फौरी कार्रवाई कर वापस लौट आता है। हालात ऐसे हैं कि रामगढ़ बांध को लेकर तो सरकार-प्रशासन की आंखों का पानी तक सूख चुका है।


कई राज्यों में बाढ़ के हालात
वहीं जहां राजस्थान से मानसूनी बादल रूठे हुए तो दूसरी ओर केरल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू—कश्मीर, असम, गुजरात के अलावा कई अन्य राज्यों में मानसूनी बादल या तो तबाही मचा रहे हैं या मचा कर निकल चुके हैं। देश में मानसून की यह असमानता भी मौसम वैज्ञानिक व आम लोगों को समझ न आ रही है।