
जयपुर। राजधानी जयपुर से गिरफ्तार 38 वर्षीय महिला बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार महिला नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रही थी, जहां वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित कमांडर से शादी करना चाहती थी। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति आतंकी संगठन के सरगना मसूद अजहर के करीबी सहयोगियों में शामिल है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि महिला को सोशल मीडिया के जरिए भावनात्मक रूप से प्रभावित किया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि एक ऑनलाइन धार्मिक प्रचारक के संपर्क में आने के बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था। महिला की पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह पिछले कई सप्ताह से सैन्य खुफिया एजेंसियों की निगरानी में थी। राजस्थान पुलिस की एंटी टेरर स्क्वॉड (एटीएस) ने उसे पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया था।
बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा जयपुर के सीतापुरा इलाके में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार महिला पिछले कई सप्ताह से सैन्य खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा तंत्र की निगरानी में थी। उसे गत दिनों गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जांच के दौरान महिला के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की गई। इसमें कई पाकिस्तानी मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया संपर्क सामने आए। अधिकारियों के मुताबिक इनमें कुछ नंबर ऐसे व्यक्तियों से जुड़े पाए गए, जिनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों या समर्थकों से होने का संदेह है।
पूछताछ में महिला ने बताया कि वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद उसने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़े पेजों को देखना शुरू किया था। इसी दौरान उसने कई लोगों को मित्रता अनुरोध भेजे और धीरे-धीरे उसका संपर्क पाकिस्तान स्थित कुछ व्यक्तियों से हो गया। बाद में उसकी बातचीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्स के जरिए नियमित रूप से होने लगी।
एटीएस के अनुसार महिला की नजदीकियां पाकिस्तानी शख्स अबू उबैदा नामक शख्स से बढ़ीं, जिसने कथित रूप से उससे शादी करने की इच्छा जताई थी। जांच में सामने आया कि महिला को पाकिस्तान आने और संगठन के लिए काम करने का प्रस्ताव भी दिया गया था। इसके लिए उसे पासपोर्ट बनवाने और यात्रा की तैयारियां करने के लिए कहा गया था।
अधिकारियों ने बताया कि महिला नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात या सऊदी अरब के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने के विकल्पों की तलाश कर रही थी। यात्रा खर्च की व्यवस्था कथित रूप से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए करने की भी योजना बनाई गई थी। इसी कारण महिला ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एप डाउनलोड किए और इसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की थी।
जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि महिला ने अपने भारतीय मोबाइल नंबरों पर प्राप्त ओटीपी कथित रूप से पाकिस्तान स्थित संपर्कों के साथ साझा किए थे, जिससे उन नंबरों का उपयोग सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार महिला की शादी वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद ही उसका पति से अलगाव हो गया था। वह पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की है।
फिलहाल एटीएस मामले की गहन जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां महिला के डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं, ताकि उसके संपर्कों, संभावित नेटवर्क और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता का पता लगाया जा सके। महिला के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।