– पुलिस प्रशासन का रहा पहरा – पिता ने बेटे- बेटी की शादी में घोड़ी पर बिंदोली निकलवाने की लगाई थी एसडीएम से गुहार, जयपुर। जहाजपुर के शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के बरोदा गांव गुरुवार रात पुलिस प्रशासन के पहरे के बीच दलित भाई व बहन की घोड़ी पर बिंदोली निकाली गई। इससे पहले दूल्हे के […]
- पुलिस प्रशासन का रहा पहरा
- पिता ने बेटे- बेटी की शादी में घोड़ी पर बिंदोली निकलवाने की लगाई थी एसडीएम से गुहार,
जयपुर। जहाजपुर के शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के बरोदा गांव गुरुवार रात पुलिस प्रशासन के पहरे के बीच दलित भाई व बहन की घोड़ी पर बिंदोली निकाली गई। इससे पहले दूल्हे के पिता दुर्गा लाल ने उपखंड अधिकारी जहाजपुर को पत्र लिखकर आशंका जताई थी कि कुछ लोग बिंदोली का विरोध कर सकते हैं। क्योंकि बरोदा गांव में कभी दलित दूल्हे की बिंदोरीघोड़ी पर नहीं निकली गई। इसके चलते गुरुवार रात चार थानों के पुलिस जाब्ते व पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार, प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी की मौजूदगी में बंदोरी निकाली गई। आजादी के बाद पहली बार ऐसा मौका आया जब गांव में दलित लडके -लड़की की बिंदोली एक साथ निकाली गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासन की कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सराहना की।
गौरतलब यह है कि बरोदा निवासी दुर्गा लाल ने अपने पुत्र और पुत्री की शादी में घोड़ी पर बिंदोली निकलवाने के लेकर 3 मई को उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि वह अपने पुत्र सोनू उर्फ सुशील और पुत्री चीना के विवाह पर 9 मई को घोड़ी पर बिंदोली निकलवाना चाहता है। उन्होंने अंदेशा जताया कि समाज के लोग घोड़ी पर बिंदोरी नहीं निकलने देंगे। पूर्व में भी बहन की शादी में दूल्हे की बिंदोरीघोड़ी पर निकलना चाहते थे, लेकिन गांव के अन्य समाज के लोगों के विरोध करने पर बिंदोली घोड़ी पर नहीं निकाली गई। इसी आशंका के चलते इस बार प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद अंबेडकर मंच के सदस्यों ने भी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री गृह मंत्रालय तक पत्र लिखकर परिवार को सुरक्षा दिलवाले की मांग की थी। इसके बाद नेशनल कमिश्नर ने जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक शाहपुरा को निर्देश दिए। और सुरक्षा प्रदान करवाई।