
जयपुर। रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग मामले में जेडीए अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से लोगों का सब्र टूटता जा रहा है, क्योंकि उन्हें अधिकारियों से आश्वासन ही मिल रहा है। समस्या का समाधान कोई नहीं कर रहा। ऐसे में शुक्रवार को कई लोगों ने जेडीए पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। साथ ही जेडीए सचिव अर्चना सिंह से मुलाकात की।
सचिव ने सात दिन का समय लेकर मामले को दिखवाने की बात कही। व्यापारियों की मानें तो सचिव ने शुल्क वृद्धि नहीं होने देने का आश्वासन दिया है। व्यापारियों ने कहा कि यदि सात दिन में फैसला वापस नहीं हुआ तो पार्किंग स्थल पर अनशन शुरू कर देंगे।
रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग संघर्ष समिति के संरक्षक अरविंद मेठी ने बताया कि करीब एक माह से परकोटा के लोग जेडीए के अधिकारियों से लगातार मिल रहे हैं, लेकिन अब तक किसी ने शुल्क वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया है। समिति अध्यक्ष अनिल कुमार माहेश्वरी ने कहा कि जिस तरह से शुल्क वृद्धि पर जेडीए अधिकारियों से कोई सीधा जवाब नहीं मिल रहा है, उससे संदेह पैदा होता है।
आरोप बेबुनियाद : इधर जेडीए अधिकारी लगातार यह कहते आ रहे हैं कि कई लोगों ने घर में पार्किंग के स्थान को किराए पर दे दिया और यहां गाड़ी खड़ी करते हैं। लोगों का कहना है, ये आरोप बेबुनियाद हैं, अधिकारी चाहें तो चैक कर लें।
धारीवाल को बताई समस्या
नगर निगम के पूर्व मु य सचेतक गिरिराज खंडेलवाल ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की कि रामनिवास बाग में पार्किंग शुल्क वृद्धि जेडीए तत्काल वापस ले। उन्होंने मंत्री को बताया कि जेडीए अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ मनमानी करके मासिक पार्किंग पास का शुल्क 1500 से बढ़ाकर 4000 रुपए कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल में गए पृथ्वीराज नगर जन अधिकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने बताया, यह पार्किंग परकोटा के लोगों के लिए बहुत जरूरी है, ऐसे में शुल्क वृद्धि नहीं होनी चाहिए।