
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन में गिरती लोकप्रियता के चलते आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी विधानसभा सीट बदल सकती हैं।
पायलट ने राजे और अमित शाह के बीच कथित मतभेदों की तरफ भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अमित शाह और वुसंधरा राजे अलग—अलग दौरा कर रहे हैं, जिससे दोनों के बीच मतभेदों को बल मिलता हैं।
सचिन पायलट ने कहा कि अभी अफवाह बहुत तेजी से दौड़ रही हैं कि शायद मुख्यमंत्री अपना चुनाव क्षेत्र बदल दें। जब मैं हाड़ौती में था वहां ऐसी खबरें सुनने को मिली कि वे झालरापाटन से चुनाव न लड़कर शायद शिफ्ट करें।
उन्होंने कहा कि धौलपुर का नाम लोग बार-बार लेते हैं। आपने भी शायद सुना होगा। तो ये सब अफवाहें चल रही हैं। पायलट ने कहा कि भाजपा में टिकट वितरण कैसे होगा, कितनों का टिकट कटेेंगे। भाजपा के जितने भी विधायक है उनमें से आधे से ज्यादा के टिकट कट जाएंगे।
पायलट ने कहा कि जब भाजपा के विधायकों के काम से भाजपा नेतृत्व ही खुश नहीं है तो जनता कैसे खुश हो सकती है। झलावाड़ में मुख्यमंत्री के खिलाफ बहुत नाराजगी है। क्षेत्र में पिछले 5 साल में बड़ी संख्या में किसानों की आत्महत्या और कानून व्यवस्था के मुद्दे सामने आए।
हाल ही में झलावाड़ कलेक्टर ने कहा था कि जिला अभी भी पिछड़ा है और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए पैसे की जरूरत है। इससे जाहिर होता है कि उन्होंने खुद के विधानसभा क्षेत्र को ही नजरअंदाज किया है।
सचिन पायलट के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता सतीश पूनिया का कहना है कि ये सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि सीएम राजे और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच किसी तरह के कोई मतभेद नहीं है और सीएम के निर्वाचन क्षेत्र बदलने की बात में भी कोई दम नहीं है।
जब वसुंधरा राजे 2003 में पहली बार राजस्थान की मुख्यमंत्री बनी थीं तब से झालरापाटन उनका विधानसभा क्षेत्र रहा है। वे तब से ही लागातार इस सीट पर काबिज हैं। 2003 में कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के खिलाफ सचिन पायलट की मां रमा पायलट को चुनाव में उतारा था, लेकिन रमा पायलट चुनाव हार गईं।
2008 में वसुंधरा राजे ने झालरापाटन से कांग्रेस के मोहन लाल को करारी शिकस्त दी। इसके बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में झालरापाटन में वसुंधरा राजे ने कांग्रेस की पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत को पराजित किया।