जयपुर

Rajasthan Paper Leak Case: एसओजी को मिली बड़ी सफलता, सारण-शेरसिंह का सहयोगी फरार तकनीशियन गिरफ्तार

आरोपी पेपर लीक के संबंध में सांगानेर थाने में दर्ज केस में वांटेड था। आरोपी कमलेश के खिलाफ कोर्ट ने 29 जनवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। तब से वह फरार था।
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Nov 29, 2024
Paper Leak Case

Paper Leak Case: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियन्ता (जेईएन) भर्ती-2020 के पेपर लीक मामले में एक साल से फरार तकनीशियन को पानीपेच तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। एसओजी इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी कमलेश कुमार मीणा मूलत: गोविंदगढ़ स्थित चारणवास का रहने वाला है। वह वर्तमान में रेलवे में ग्रुप डी तकनीशियन ग्रेड प्रथम के पद पर अजमेर में नौकरी कर रहा था। आरोपी पेपर लीक के संबंध में सांगानेर थाने में दर्ज केस में वांटेड था। आरोपी कमलेश के खिलाफ कोर्ट ने 29 जनवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। तब से वह फरार था।

नए मोबाइल पर भेजा था पेपर

भूपेन्द्र सारण ने जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर लेने के लिए कमलेश को नया मोबाइल खरीदकर दिया था। यह मोबाइल कमलेश ने शेरसिंह को दे दिया। उसी मोबाइल से शेरसिंह ने भूपेन्द्र सारण को परीक्षा से पहले पेपर वाट्सऐप के जरिये भेज दिया था। जिसे विभिन्न स्थानों पर परीक्षार्थियों को परीक्षा पूर्व पढ़ाया गया। एसओजी आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

शराब की दुकान से बढ़ा संपर्क

एसओजी के मुताबिक कमलेश पूर्व में गिरफ्तार पेपर लीक के सरगना भूपेन्द्र सारण व अनिल कुमार मीणा उर्फ शेरसिंह मीणा का सहयोगी था। कमलेश शेरसिंह के पड़ोसी गांव का रहने वाला है। कमलेश के पिता की शराब की दुकान पर भूपेंद्र सारण आए दिन महंगी शराब खरीदता था। इस वजह से दोनों में पहचान हो गई। भूपेन्द्र सारण भी पहले रेलवे में नौकरी करता था। भूपेंद्र के सहयोग से ही कमलेश की शेरसिंह से जान-पहचान हो गई।

Updated on:
29 Nov 2024 08:02 am
Published on:
29 Nov 2024 08:02 am