सीआइडी ने तीनों प्रकरणों में चालान पेश करने को जिला पुलिस अधीक्षक को रिमाइंडर भी भेजा...
जयपुर। हाल में सांसद किरोड़ी लाल मीना भाजपा में शामिल हुए। 10 साल बाद फिर उन्होंने पार्टी का दामन थामा। यह खबरें अभी पुरानी भी नहीं हुई थीं कि नई खबर ने चौंका दिया। अपराध अन्वेषण विभाग (सीआइडी) ने किरोड़ी लाल पर दर्ज 3 प्रकरणों की फाइलें फिर जांच के लिए थानों से मंगवा ली हैं। यह सभी वही प्रकरण हैं जिनमें सीआइडी ने खुद जांच करने के बाद सभी संबंधित थानों को कोर्ट में चालान पेश करने के आदेश दिए थे।
सीआइडी ने तीनों प्रकरणों में चालान पेश करने को जिला पुलिस अधीक्षक को रिमाइंडर भी भेजा। लेकिन सांसद मीना जैसे ही 11 मार्च को भाजपा में शामिल हुए, उसी दिन उनके खिलाफ चालान पेश करने वाले मुकदमों की फाइल थानों से पुन: तलब कर ली।
क्या थे मामले
- बांदीकुई जीआरपी में वर्ष 2012 में भीड़ के साथ रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का ममला।
- चौथ का बरवाड़ा में खनन मालिकों की मशीनरी में तोड़ फोड़ करने के लिए लोगों को उकसाने का मामला।
- एक प्रकरण बहरोड़ में दर्ज था।
यह भी चर्चा
भाजपा पर मेहरबानी और कांग्रेस पर दबाव
पुलिस महकमे में चर्चा जोरों पर है कि भाजपा के विधायक-सांसदों पर दर्ज मामलों में सीआइडी ने एफआर लगा दी। जबकि कांग्रेस व अन्य विधायकों पर दर्ज प्रकरणों को लंबित रखे है। सूत्रों की माने तो सीआइडी ने बीजेपी सरकार में मंत्री जसवंत यादव व ओटा राम देवासी सहित विधायक मान्वेद्र सिंह, शंकर सिंह रावत, फूलचंद भिण्डा, बच्चू सिंह व मान सिंह गुर्जर के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में एफआर लगा दी है। जबकि कांग्रेस नेता विश्वेन्द्र सिंह, भजन लाल, अशोक चांदना, महेन्द्रजीत सिंह मालवीया और निर्दलय विधायक मनोज न्यांगली, हनुमान बेनीवाल सहित अन्य कई नेताओं पर दर्ज प्रकरण दबाव की राजनीति के लिए लंबित रखे हैं।
जवाब देने से बचते दिखे एडीजी (क्राइम) पीके सिंह
किरोड़ीलाल मीना पर दर्ज मामलों में चालान के आदेश ्रके बाद फाइल मुख्यालय ने फिर तलब की हैं?
एडीजी : सांसद ने इन मुकदमों में जांच सही नहीं करने का आरोप लगाया था और कुछ बिंदुओं पर फिर से जांच करने की मांग की थी।
सीआईडी ने ही जांच की और चालान के लिए लिखा, अब भाजपा में शामिल होते ही मुकदमे वापस आ गए?
एडीजी : सांसद मीना की मांग और उनके द्वारा बताए गए बिंदुओं की जांच के लिए फाइल मंगवाई है।
सांसद मीना के खिलाफ कितने प्रकरण ऐसे हैं, जिन्हें चालान के लिए भेजा और अब वापस मंगवाया है?
एडीजी : दो या तीन प्रकरणों की फाइल पुन: जांच के लिए थानों से मंगवाई गई हैं।