जयपुर

इस लापरवाही से आखिर कैसे थमे मिलावट, रोकने वालों की ही कमी से जूझ रहा विभाग

प्रदेश में जनता की आधी से ज्यादा शिकायतों की सुनवाई ही नहीं
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Feb 27, 2019
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विकास जैन/जयपुर. मिलावट के खिलाफ युद्ध में जनता पूरी तरह साथ है, लेकिन जनता की शिकायतों की ही सुनवाई नहीं हो पा रही है। खाद्य सामग्री के विक्रय या निर्माण से जुड़े प्रदेश में करीब 50 लाख कारोबारी हैं, लेकिन मिलावट पकडऩे की पूरी व्यवस्था सिर्फ 73 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के हवाले ही है। इनमें से केन्द्रीय टीम सहित 13 अधिकारी जयपुर में ही तैनात है। ऐसे में विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मिलावट के सभी ठिकानों तक पहुंच ही नहीं पा रहे। हालांकि केन्द्रीय टीम राजस्थान में कहीं भी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसकी कार्रवाई न के बराबर है।

मिलावट के प्रतिष्ठानों की जांच के लिए अधिकारियों की संख्या इतनी कम कि वे मिलने वाली शिकायतों में से भी 50 फीसदी पर भी नहीं जा रहे। विभाग के अभियान में 16 दिन में अब तक 800 फर्म व प्रतिष्ठानों पर एक लाख किलो से अधिक खाद्य सामग्री नष्ट की जा चुकी है। कारोबारियों की तादाद देखते हुए अगर विभाग के पास मौजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम रोजाना एक कार्रवाई भी करे तो भी साल भर में 25 हजार फर्मों तक भी नहीं पहुंच सकते।

कहां कितने खाद्य सुरक्षा अधिकारी
जयपुर सेंट्रल टीम 5
सीएमएचओ प्रथम 4
सीएमएचओ द्वितीय 5
अजमेर 3
अलवर 4
भरतपुर 2
दौसा 2
कोटा 3
जोधपुर 2
चूरू 2
टोंक 2

हर सूचना पर पहुंचते हैं
हमारी टीम हर सूचना पर मौका निरीक्षण के लिए जाती हैं। कहीं गड़बड़ मिलती है, कहीं नहीं। आवश्यकता पडऩे पर नमूने लिए जाते हैं और नष्ट की कार्रवाई की जाती है। - डॉ. नरोत्तम शर्मा, सीएमएचओ जयपुर प्रथम

Updated on:
27 Feb 2019 11:03 am
Published on:
27 Feb 2019 11:03 am