
जयपुर। अब खनन, श्मशान, कब्रिस्तान या सरकारी भवन के लिए चरागाह के उपयोग पर उसके बदले में जिले में कहीं भी भूमि सुरक्षित की जा सकेगी।
पहले भूमि पंचायत क्षेत्र में ही देनी होती थी। राज्य मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही राजधानी के पुराने एमआरईसी परिसर में आवासीय कॉलोनी के प्लान को भी मंजूरी दे दी है।
राज्य मंत्रिमंडल ने सर्कुलेशन के जरिए चार महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। पुराने एमआरईसी कैंपस में पहले फ्लेट्स बनाने के नक्शे को मंजूरी दी गई थी, लेकिन संपदा विभाग के पास इसका कब्जा और पट्टा ही नहीं निकला।
अब कब्जे का मुद्दा तय होने के बाद संशोधित आवासीय प्लान को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा काश्तकारी भूमि नियमों में संशोधन कर प्रावधान किया गया है कि खान, श्मशान, कब्रिस्तान व सरकारी भवन के लिए अब चरागाह के बदले दूसरी भूमि ग्राम पंचायत क्षेत्र में ही देने की बाध्यता नहीं होगी, बल्कि पंचायत समिति और जिले में कहीं भी भूमि चिह्नित की जा सकेगी।
होम्योपैथिक-आयुर्वेदिक डॉक्टर-नर्स को भी छूट
राज्य मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय किया है कि अब होम्योपैथी, यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सक व नर्स के लिए भर्तियों में 15 प्रतिशत अंकों की छूट दी जाएगी। इसके लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। इसी तरह उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सिरोही, चित्तौडग़ढ़ और पाली में छात्रावासों और स्कूलों के नामकरण को भी मंजूरी दी गई।