Kirodi Lal Meena Resignation : कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि आज राजनीति राजधर्म से विमुख हो गई है और भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है।
Kirodi Lal Meena Resigns : कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि आज राजनीति राजधर्म से विमुख हो गई है और भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है। राजनीति में बहुत बुराइयां आ रही हैं और अब उद्योग बन गई है। जनसेवा से भटककर स्वयं की सेवा तक सिमट गई है। किरोड़ी गुरुवार को मानसरोवर में आयोजित शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के 82वें प्राकट्य महोत्सव में बोल रहे थे। यहीं उन्होंने अपने सार्वजनिक मंच से इस्तीफा देने का एलान किया और कहा कि जिसने हिंदू धर्म छोड़ दिया, उसका आरक्षण खत्म कर देना चाहिए। इस मंच से सरकार से निवेदन करना चाहूंगा कि हिंदू धर्म पर हमला करने वालों को रोका जाना चाहिए। राजनीति पर धर्म का अंकुश होना चाहिए। तब सही तरीके से काम होंगे। राजनीति के लिए हिंदू धर्म को बांटा जा रहा है। एक दूसरे पर वंशवाद के नाम पर कीचड़ उछालने से देश और लोकतंत्र कमजोर होता है।
किरोड़ी लाल मीणा ने इस्तीफा देने के बाद अपने एक्स अकाउंट पर इमोशल पोस्ट करते हुए श्रीरामचरितमानस की दो पंक्तियां लिखी। कहा कि 'रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्राण जाई पर बचन न जाई।' इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने अपने सभी चाहने वालों के नाम एक खास संदेश दिया, जो इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा की नई सरकार पूरी तरह से अधिकारियों से घिर चुकी है। कुछ दिन पहले सचिवालय में एक बैठक में 11 सीटों पर हार को लेकर मंथन चल रहा था तो सवाल खड़ा हो गया कि आखिर इसका जिम्मेदार किसे ठहराया जाए। सरकार के मुखिया को बचाने के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अफसर ने दूसरे अफसर से कह दिया कि वे इस हार की जिम्मेदारी लें। इस पर ब्यूरोक्रेसी के मुखिया गुस्सा हो उठे और उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अफसर से नाराजगी जाहिर करते कहा कि हार की जिम्मेदारी नेताओं की है।
किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की घोषणा करने के बाद से सरकार में हलचल मची है। मुख्यमंत्री सुबह तो बजट बैठक में व्यस्त रहे, लेकिन जैसे ही किरोड़ी का इस्तीफा देने का बयान सामने आया। तुंरत प्रभाव से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी सीएम के पास पहुंचे। वहां काफी देर तक तक मंथन चला। इसके बाद केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव भी पहुंचे।