
कोरोना का कहर लिपस्टिक पर भी टूटा है। जापान में इन दिनों लिपस्टिक की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है क्योंकि मास्क पहनने की वजह से महिलाएं इसे कम खरीद रही हैं। ब्यूटी स्टोर्स पर लिपस्टिक की बिक्री काफी घट गई है। जापान के योकोहोमा की रहने वाली 40 साल की ताकाको तोमूरा ने बताया कि मैंने लिपस्टिक लगाना छोड़ दिया है क्योंकि मास्क लगाने पर यह नजर तो आती नहीं है। ऐसे में लगाने का कोई मतलब नहीं रह जाता। मैंने यह भी देखा कि बाद में फेस मास्क से काॅस्मेटिक को हटाना भी काफी मुश्किल होता है क्योंकि उसकी बनावट ही कुछ ऐसी होती है। इसी तरह से जापान में ब्यूटी स्टोर्स ने प्रोडक्ट्स के टेस्टर हटा दिए हैं ताकि कोरोना न फैलने पाए। इससे पहले तक स्टोर्स की शेल्फ पर ही टेस्टर रखे होते थे ताकि कस्टमर आराम से अपने कलर को चुन सके लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए स्टोर्स ने अप्रैल में ही टेस्टर हटा दिए। एक अनुमान के अनुसार जनवरी से लेकर अप्रैल के महीने तक पिछले साल 26 मिलियन लिपस्टिक बिकी थीं लेकिन इस साल यह बिक्री 30 फीसदी घट गई है। कोरोना के कारण सभी तरह के काॅस्मेटिक्स पर असर पड़ा है लेकिन लिपस्टिक की बिक्री इसलिए प्रभावित हुई है क्योंकि यह मास्क से छिप जाती है। कस्टमर अब केवल वही उत्पाद खरीद रहे हैं जिनकी उन्हें ज्यादा जरूरत है। जानकारों का कहना है कि मेकअप किसी के लुक को ही खास नहीं दिखाता बल्कि यह सकारात्मकता से भी जुड़ा है इसलिए लिपस्टिक की बिक्री इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लोग, कितने दिनों तक मास्क पहनते रहते हैं। मार्केट एनालिसिस कंपनी यूरोमाॅनिटर इंटरनेशनल के अनुसार जापान में बीते साल ब्राइट कलर्स की लिपस्टिक का काफी चलन था। यह चलन ठीक एक दशक पहले भी था जब देश में सुनामी आई थी।