
जयपुर. कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से ही 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा का इंतजार हर किसी को है। प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के 10 दिन के अंदर-अंदर किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा में ही पहले कांग्रेस ने काफी दिन लगा दिए। लेकिन अब सब इसी इंतजार में हैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही इसकी घोषणा कर सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सरकार कई शर्तों के साथ किसानों का कर्जा माफ कर सकती हैं। ये संभावित शर्तें निम्नानुसार हैं...
- छोटे किसानों के लघु अवधि के लिए गए कृषि ऋण ही माफ किए जा सकते हैं।
- फसल उत्पादन पर लिया गया ऋण ही माफ हो सकता है, कृषि उपकरण आदि पर नहीं।
- 02 लाख रुपए तक के ही कृषि कर्ज पर माफी दी जा सकती है।
- 02 एकड़ से कम जमीन वाले किसान की ही ऋण माफी हो सकती है।
- सहकारी व अन्य सरकारी बैंक से लिए गए ऋण से ही मुक्ति मिल सकती है।
- सरकारी योजनाओं के तहत ऋण में पहले से लाभ ले चुके किसान को लाभ नहीं मिल सकता।
- सरकारी, निजी कर्मचारी, जिन्होंने कृषि ऋण ले रखा है, वह दायरे से बाहर रह सकते हैं।
- कृषि ऋण के इतर किसान का निजी कर्ज माफ नहीं होगा।
ये है सम्पूर्ण कर्ज
कुल किसान: 58,85,961
कर्ज: 99,995 करोड़
ये है अल्पकालीन कर्ज
कुल किसान: 47,02,123
कर्ज: 77,668 करोड़ रुपए
ऐसे तो केवल डिफॉल्टर की मौज
सरकार की कर्जा माफी में सबसे ज्यादा नुकसान उन ईमानदार किसानों को होगा, जो अपने कर्ज की किश्ते वक्त पर चुका रहे हैं। ऐसे किसानों की तादाद भी कम नहीं है, जो 02 लाख रुपए से कम या उससे ज्यादा के कर्ज का भुगतान बैंक या सहकारी संस्थाओं को समयबद्ध ढंग से कर रहे थे। लेकिन अब ऐसे कर्जदार किसान जो डिफॉल्टर थे, उन्हें इसका पूरा फायदा मिला जाएगा। यानी जो ईमानदारी से कर्ज चुका रहे हैं, वे खुद को ठगा महसूस करेंगे और जो डिफॉल्टर हैं उन्हें राहत मिल जाएगी।
पंजाब से समझिए यह गणित
- किसान, जिनका कर्जा 2 लाख रुपए से ऊपर था, उनकी कर्जा माफी की आस पूरी नहीं हो पाई।
- ऋण माफी की योजना से बैंकों का 37 फीसदी एनपीए बढ़ गया, ऋण माफी योजना के बाद।
- 10 लाख किसान को फायदा मिलना था, मिला 05 लाख को ही।
कर्नाटक ने लगाया शर्तों का अड़ंगा
- एक लाख रुपए की सीमा रखी गई। उससे ऊपर की कर्ज राशि ब्याज समेत पहले चुकानी होगी तभी एक लाख रुपए माफ होंगे।
- चारा खरीदने के लिए ऋण को माफी के दायरे में नहीं रखा।
- सहकारी या सरकारी संस्था में 20 हजार रुपए की नौकरी करने वाले किसान को दायरे से बाहर रखा गया।
- साहूकारों के जरिए लिए गए कर्ज को माफ नहीं किया गया।
- पहले से चुकाई किश्तें ऋण माफी में समायोजित की गईं।