Rajasthan BJP Persident: राजस्थान बीजेपी के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
Rajasthan BJP Persident: राजस्थान बीजेपी के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन फॉर्म में एक ही नाम आने के बाद मदन राठौड़ का अध्यक्ष बनना तय हो गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, और शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल सहित कई वरिष्ठ नेता उनके प्रस्तावक बने।
जानकारी के मुताबिक मदन राठौड़ के अलावा किसी भी दूसरे नेता ने फॉर्म नहीं भरा। ऐसे में उनका प्रदेशाध्यक्ष बनना तय है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा शनिवार सुबह 11 बजे होगी। चुनाव प्रभारी विजय भाई रूपाणी ने बताया कि नामांकन फॉर्म भरने का समय पूरा हो गया, आज हमें पांच नामांकन फॉर्म के सेट मिले हैं, जिनमें एक ही नाम मदन राठौड़ का है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल को केंद्रीय पर्यवेक्षक और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही प्रदेश से 25 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का भी निर्वाचन होगा, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे।
राजस्थान में भाजपा के 40 जिलों में नए जिला अध्यक्षों का चुनाव संपन्न हो चुका है। हालांकि, झुंझुनूं, दौसा, धौलपुर और जोधपुर उत्तर में जिलाध्यक्ष का निर्वाचन अब तक नहीं हो सका है। भाजपा संविधान के अनुसार, प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम आधे जिलाध्यक्षों का निर्वाचन आवश्यक होता है, जो पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे में इन चार जिलों में नए प्रदेशाध्यक्ष ही जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करेंगे।
मदन राठौड़ का फिर से प्रदेशाध्यक्ष बनना तय है। उन्होंने 26 जुलाई 2024 को प्रदेशाध्यक्ष का पदभार संभाला था और महज 7 महीने में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व मैसेज देने के लिए एक-दो अन्य उम्मीदवारों को नामांकन भरवा सकता है, लेकिन अंतिम समय में सभी नाम वापस ले लिए जाएंगे।
बताते चलें कि मदन राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा ने हाल ही में विधानसभा उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ उनका मजबूत तालमेल और पार्टी के भीतर प्रभावी पकड़ को देखते हुए हाईकमान उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त कर सकता है। राठौड़ से पहले सीपी जोशी और सतीश पूनिया भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं।