
जयपुर। देश की राजधानी में राजपथ पर 70वें गणतंत्र दिवस समारोह में राजस्थान की खुशबू कंवर का जोश और जज्बा दिखने को मिला।
खूशबू ने असम रायफल्स के महिला सैनिक दस्ते का परेड में नेतृत्व किया। उनकी इस जांबाजी को देखकर देश के सवा सौ करोड़ से ज्यादा भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
मेजर खुशबू कंवर परेड में पहली बार शामिल हुई। इसके लिए वे पिछले छह माह से लगातार कड़ा अभ्यास कर रही थी।
असम राइफल्स की स्थापना 1835 में हुई थी। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार असम राइफल्स की महिला टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लिया।
वर्तमान में मणिपुर के उखरुल में मेजर के पद पर तैनात खुशबू कंवर का जन्म जयपुर में हुआ। खुशबू कहती हैं, मैं एक बस कंडक्टर की बेटी हूं। यदि मैं ऐसा कर सकती हूं तो हर लड़की अपना सपना पूरा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देना मेरे लिए गर्व की बात है। असम राइफल्स के महिला दस्ते का नेतृत्व करना भी गौरवान्वित करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन और बहुत बड़ा मौका व सम्मान है। इसके लिए मैं तहेदिल शुक्रिया अदा करती हूं।
खुशबू कंवर को अप्रैल 2012 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। अप्रैल 2013 में उनकी शादी भिवानी के गांव इंदीवाली वासी मेजर राहुल तंवर से हुई। मेजर राहुल तंवर को 2010 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। 2018 में खुशबू कंवर मेजर बनीं। उनके ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह तंवर भी सेना से रिटायर्ड है। खुशबू एक बेटी की मां हैं।