जयपुर

Military Parade: ब्रह्मोस से ड्रोन शक्ति तक, सेना की ताकत ने मोहा राजस्थान

Army Day 2026: जयपुर में पहली बार असैन्य क्षेत्र में गूंजी सेना की सलामी, 78वें सेना दिवस पर ऐतिहासिक परेड। शौर्य, तकनीक और संस्कृति का संगम: जयपुर में भव्य सेना दिवस समारोह।

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Jan 15, 2026

Indian Army: जयपुर. भारतीय सेना ने गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर पूरे सैन्य गौरव, अनुशासन और आधुनिक तकनीकी शक्ति के साथ 78वां सेना दिवस मनाया। यह चौथी बार था जब सेना दिवस परेड दिल्ली से बाहर आयोजित हुई और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में इसका भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला।

समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (से.नि.) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य एवं नागरिक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

यह थी इस वर्ष की थीम

इस वर्ष की थीम ‘भारतीय सेना – शौर्य और बलिदान’ रखी गई। परेड में स्वदेशी हथियारों और अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म व अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, पिनाका रॉकेट सिस्टम, नाग मिसाइल, ड्रोन शक्ति, ड्रोन जैमर, इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल जैसे आधुनिक संसाधनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नवगठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की सात रेजीमेंट्स ने शानदार मार्च पास्ट किया। महिलाओं की भागीदारी को दर्शाने के लिए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी कदमताल की। नेपाल आर्मी बैंड की सहभागिता ने भारत-नेपाल के सैन्य संबंधों की मजबूती को दर्शाया।

समारोह में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति भी देखने को मिली। कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया और दंगल नृत्यों ने माहौल को रंगीन बना दिया। तीन चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा, अपाचे हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन उड़ान और अंत में जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने कार्यक्रम को रोमांचक समापन प्रदान किया।


पहली बार असैन्य क्षेत्र में परेड

सेना दिवस परेड पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में आयोजित की गई। इससे आमजन को सेना की शक्ति, अनुशासन और आधुनिक क्षमताओं को नजदीक से देखने का अवसर मिला। जयपुर ने इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।


स्वदेशी हथियारों की ताकत का प्रदर्शन

ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक, पिनाका रॉकेट सिस्टम, ड्रोन तकनीक और रोबोटिक म्यूल जैसी प्रणालियों ने आत्मनिर्भर भारत की सैन्य शक्ति को दर्शाया। आधुनिक हथियारों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया।


5 शूरवीरों को मरणोपरांत सम्मान

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ व अन्य अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले पांच वीर सैनिकों को मरणोपरांत सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया, जिससे समारोह भावुक और गौरवपूर्ण बन गया।

Published on:
15 Jan 2026 03:29 pm
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