
जयपुर। नागौर से टिकट कटने के बाद हबीबुर्रहमान का रूख अपनी पुरानी पार्टी की ओर हो रहा है। दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष ने हबीबुर्हमान के पार्टी में आने के संकेत दिए थे। दरअसल,बीजेपी प्रत्याशियों की पहली सूची में हबीबुर्रहमान के स्थान पर इस बार नागौर से मोहनराम चौधरी को मौका दिया गया है। टिकट कटने के बाद हबीबुर्रहमान ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है।
नागौर से पांच बार विधायक रहे हबीबुर्रहमान तीन बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी से विधायक रहे हैं। उनके पिता हाजी उस्मान भी दो बार विधायक रहे हैं। बीजेपी ने टिकट काटा तो हबीबुर्रहमान अशरफी लांबा नागौर से अब कांग्रेस की टिकट पर दावं रहे हैं। कांग्रेस में उनकी टिकट को लेकर दो मत बने हुए हैं। फोन पर हबीबुर्रहमान ने पत्रिका से बात की।
सवाल - बीजेपी में है या पार्टी छोड चुके हैं ?
हबीबुर्रहमान- बीजेपी ने टिकट नहीं दिया है मुझे। दिल्ली आया हुआ हूं। कार्यकर्ताओं से बातचीत चल रही है।
सवाल - क्या कांग्रेस से टिकट मिल रही है ? रामेश्वर डूडी ने कहा है कि कांग्रेस में जा रहे हैं आप
हबीबुर्रहमान - बुधवार को तय हो जाएगा,अभी मिल रहा हूं।
सवाल - बीजेपी ने आपका टिकट क्यों काटा ?
हबीबुर्रहमान - पार्टी ने फैसला किया है। मुझे इससे ज्यादा जानकारी नहीं
सवाल - बीजेपी ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया ?
हबीबुर्रहमान - पार्टी का फैसला है। टिकट की उम्मीद थी।
सवाल- कांग्रेस टिकट दे या न दे क्या चुनाव उतरेंगे ?
हबीबुर्रहमान - मैं नहीं,कार्यकर्ता मैदान में उतरता है,अभी कार्यकर्ताओं से बातचीत चल रही है
सवाल - कांग्रेस के अलावा भी तो पार्टियां है ?
हबीबुर्रहमान - जनता का मन जिसके साथ होगा, वहीं रहना है।
सवाल - क्या ये तय है कि चुनाव हर हाल में लड़ेंगे ?
हबीबुर्रहमान - पिता हाजी उस्मान दो बार विधायक रहे हैं। मैं इतने चुनाव लड़ा हूं। 1962 से चुनाव लड़ते आए हैं, इसमें क्या नई बात है।