
जयपुर। राजस्थान में सरकार बदल चुकी हैं लेकिन अलवर-भरतपुर समेत मेवात इलाकों में गौ-तस्करी ( cow smuggling ), गौकशी और मॉब लिंचिंग ( Mob lynching in Rajasthan ) जैसी घटनाओं के ग्राफ में कोई बदलाव नहीं आया है। पूर्व में हुई घटनाओं के लिए भले ही बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा हो, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद भी मेवात के हालात जस के तस हैं। मंगलवार को देर शाम अलवर में कठूमर थाना इलाके के पत्थर पहाड़ी गांव में गोतस्करों की फायरिंग ( firing in rajasthan ) में दो लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने एक गोतस्कर की पकडकऱ पिटाई कर दी। जबकि दो गोतस्कर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार ग्राम पत्थर पहाड़ी के नंगला धनसिंह की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते में एक बोरिंग पर मंगलवार देर शाम कुछ युवक नहा रहे थे। इसी दौरान तीन गोतस्कर 8-10 गायों को लेकर वहां से गुजर रहे थे। ग्रामीण युवकों ने उन्हें रोककर पूछताछ करनी चाही। इस पर गोतस्कर भागने लगे तो कुछ युवकों ने उनका पीछा किया, भागते- भागते एक गोतस्कर ( cow smugglers ) को दबोच लिया। पकड़े गए गोतस्कर ने ग्रामीण रामजीत पर गोली चला दी, जो उसके हाथ व छाती में लगी। वहीं, ग्रामीण जीतराम भी घायल हो गया। युवकों की ओर से शोर-शराबे करने पर और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने गोतस्कर भरतपुर जिले के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के गांव नांगल गुलपाड़ा निवासी सलीम खां पुत्र शादी खां को दबोच लिया और उसकी धुनाई बना दी। जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलने के बाद डीएसपी ओमप्रकाश मीणा, कठूमर एसएचओ राजेश वर्मा सहित लक्ष्मणगढ़ की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल ग्रामीणों और गोतस्कर को इलाज के लिए कठूमर सीएचसी में भर्ती कराया। वहां से तीनों को अलवर सामान्य अस्पताल रैफर कर दिया। युवक को कठूमर थाने लाई और इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से उसे भी अलवर रैफर कर दिया गया। देर रात तीनों को अलवर सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फोटो - प्रतिकात्मक