जयपुर

राजस्थान होगा मालामाल! 100 से अधिक मिनरल ब्लॉकों की होगी ई-नीलामी, मिलेगा करोड़ों का राजस्व

Rajasthan News: माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने आगामी वर्ष के लिए 100 से अधिक मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।
2 min read
• •
Updated: 13 Dec 2024, 9:20 PM IST
Minerals Blocks in Rajasthan

Rajasthan News: माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने आगामी वर्ष के लिए 100 से अधिक मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी की आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 33 मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी की जा चुकी है और अब तक 87 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी कर राजस्थान समूचे देश में पहले स्थान पर आ गया है।

ब्लॉक तैयार कर ई-नीलामी पर जोर दिया

दरअसल, टी. रविकान्त ने शुक्रवार को उदयपुर में खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश में मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्य में तेजी लाने के साथ ही अधिक से अधिक मेजर मिनरल ब्लॉक तैयार कर ई-नीलामी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉक व प्लॉटों के लिए डेलिनियेशन से लेकर आवश्यक सभी तैयारियों का रोडमैप बनाना होगा।

माइनर मिनरल ब्लॉकों की ऑक्शन प्रगति की समीक्षा करते हुए टी. रविकान्त ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 890 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र के 429 माइनर मिनरल प्लॉट व क्वारी लाइसेन्स प्लॉटो की ई नीलामी की जा चुकी है। जिससे राज्य सरकार को नीलामी की प्रीमियम राशि 40 प्रतिशत के रुप में 182 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। माइनर मिनरल ब्लॉकों की नीलमाी प्रक्रिया जारी है और इस वित्तीय वर्ष में माइनर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी का भी नया रिकॉर्ड कायम किया जाएगा।

राजस्व छीजत को रोकने के लिए दिए निर्देश

टी. रविकान्त ने अधिकारियों को कहा कि हमें यहीं तक सीमित नहीं रहना है अपितु माइनिंग सेक्टर को और अधिक उंचाइयों पर ले जाना है। अधिकारियों को फील्ड में अधिक सक्रिय रहना होगा ताकि अवैध खनन, परिवहन व भण्डारण गतिविधियों को प्रभावी तरीके से रोक कर राजस्व छीजत को रोका जा सके। उन्होंने राजस्व लक्ष्यों की शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने और नवाचारों को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने मिनरल ब्लॉकों की तैयारी से लेकर ऑक्शन प्रक्रिया तक की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

अतिरक्त निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने विस्तार से विभागीय प्रगति की जानकारी दी। एसएमई मेजर सतीश आर्य और एसएमई माइनर कमलेश्वर बारेगामा ने मेजर व माइनर मिनरल्स के ब्लॉक व प्लॉट तैयारी, डेलिनिएशन व अन्य जानकारी दी। इस बैठक में अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान व मुख्य कार्यकारी आरएसएमईटी एनपी सिंह, एसजी राजकुमार मीणा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सुनील कुमार वर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Updated on:
13 Dec 2024, 9:20 PM IST
Published on: