जयपुर

कारगिल के अमर शहीदों को राष्ट्र का नमन, 26वें कारगिल विजय दिवस पर मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Jul 28, 2026
Rajasthan

Bबेलगावी.B देश की आन, बान और शान के प्रतीक भारतीय सेना के अदम्य शौर्य को नमन करते हुए मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर बेलगावी में 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर युद्ध स्मारक पर भव्य एवं गरिमामय पुष्पचक्र अर्पण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले रणबांकुरों के अद्वितीय साहस, अदम्य वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को स्मरण किया गया समारोह में ब्रिगेडियर गिरीश उपाध्याय, एसएम, वीएसएम, कमांडेंट, मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, सूबेदार मेजर संदीप खोत तथा अग्निवीर विवेक खेडेकर ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। यह श्रद्धांजलि केवल वीर सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक नहीं थी, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरणादायी संदेश भी थी।
Bरेजिमेंट के योगदान का स्मरण कियाB

समारोह के दौरान कारगिल युद्ध में मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के अमूल्य योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि रेजिमेंट के वीर जवानों ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अद्भुत साहस, रणकौशल और अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा। उनका शौर्य, अनुशासन और बलिदान आने वाली पढि़यों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
Bसर्वोच्च सैन्य मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्पB

इस अवसर पर रेजिमेंटल सेंटर के अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ), अन्य सैन्य रैंक के जवान तथा अग्निवीर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मौन रखकर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा राष्ट्र की रक्षा, सेना की गौरवशाली परंपराओं और सर्वोच्च सैन्य मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। समारोह में उपस्थित सैनिकों ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य उपलब्धि का स्मरण नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर तिरंगे की आन-बान-शान को अक्षुण्ण रखा।

Updated on:
28 Jul 2026 06:01 am
Published on:
28 Jul 2026 06:01 am