जयपुर

सॉइललैस गॉर्डनिंग का नया ट्रेंड

जयपुर के गार्डनिंग लवर्स पॉल्यूशन से बचाव के लिए मिट्टी की जगह कोकोपिट से कर रहे ऑर्गेनिक गार्डनिंग

2 min read
Jun 05, 2018
New concept of gardening

जयपुर .हार्मफुल पेस्टिसाइड और फर्टिलाइजर फ्री गार्डन के लिए क्षेत्र में लोग घर में ऑर्गेनिक फार्मिंग तो कर ही रहे हैं। अब नया ट्रेंड यह है कि लोग सॉइललैस गार्डनिंग कर रहे हैं। इसमें प्लांट्स मिट्टी में नहीं, कोकोपिट में लगाए जा रहे हैं। कोकोपिट यानी नारियल का बूरा। क्षेत्र में भी ऐसे कई लोग है जो ऐसी सॉइललेस गार्डनिंग कर रहे हैं और घर में ही फू्रट्स सब्जियां और फ्लावर्स से बालकनी रेडी कर रहे हैं।

मिट्टी पॉल्यूट हो रही इसलिए
ऑर्गेनिक फार्मिंग करना है तो केमिकल्स बिल्कुल नहीं होना चाहिए। न मिट्टी में न ही खाद में। अब मिट्टी इतनी पॉल्यूट हो गई कि उसमें प्लांट जल्दी इन्फेक्ट हो जाते हैं। इसलिए लोग कोकोपिट चुन रहे हैं। कोकोपिट वाटर ऑब्र्जवर होता है इसमें मिनरल्स की भी भरपूर मात्रा होती है। यह डस्ट कोकोपिट कॉम्पैक्ट होता है पांच किलो का केक २५ किलो का हो जाता है। कोकोपिट डिकम्पोज होकर खुद भी खाद बन जाता है।

ट्रे गार्डनिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन
रामनगरविस्तार निवासी डॉ. आश्वनी माथुर बताती है कि मुझे गार्डनिंग का बेहद शौक है इसलिए मैंने कई कम्पोज की गार्डनिंग की है। मैंने क ोकोपिट कम्पोज के प्लांट्स भी लगाए है। कोकोपिट के लिए अलग क्लाइमेट की जरूरत होती है, सबसे खास बात यह है कि यह डस्ट और वॉटर ऑब्जर्बर होते है और घरों में ट्रे गार्डनिंग के लिए यह एक बेस्ट ऑप्शन है।

सॉइललैस प्लांटेशन
सिविल लाइन निवासी हेमंता शर्मा बताते हैं, मुझे गार्डनिंग का काफी क्रेज है मैंने अपने होटल एरिया में प्लांट्स से डेकोरेशन कर रखा है। इसके लिए मैंने लॉबी में प्लांट्स लगाए है। गार्डनर के सजेशन पर मैंने कोकोपिट में प्लांटेशन करवाएं है। इसमें प्लांट हैल्दी रहते हैं और कोई प्रॉब्लम भी नहीं होती वहीं कोकोपिट में लगे पौधों को ज्यादा पानी की भी जरुरत नहीं होती।

टिप्स फॉर सॉइललैस गार्डनिंग

1. प्लांट के न्यूट्रीशन के लिए कोकोपिट में काउडंग (गोबर खाद) और मस्टर्ड केक्स (खल) डालें।
2. पौधा इन्फेक्ट न हो इसके लिए मस्टर्ड केक्स पर नीम का तेल छिडक़े और फिर इन्हें कोकोपिट में मिक्स करें।
3. कीड़े ही इन्फेक्शन लेकर आते हैं। बचाव के लिए इन्सेक्ट ट्रैप यूज करें। ट्रैप चमकीला होता है और इस पर ग्लू लगा होता है। चमक देखकर इन्सेक्ट आएंगे और ग्लू पर चिपक जाएंगे।
4. जड़ों को हेल्दी रखें और इन्फेक्ट न होने दें। ज्यादा धूप न लगने दें और न हीं छांव में रखें।

Published on:
05 Jun 2018 02:12 pm
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