
जयपुर। इंसानों की बीमारियों पर काबू पाने के लिए तो मेडिकल साइंस में लगातार प्रयोग होते रहते हैं। इसी प्रकार पृथ्वी पर मौजूद जीव-जन्तुओं को भी बीमारियों से बचाने े लिए वैज्ञानिक लगातार शोध और प्रयोग करते रहते हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने जानवरों के फेफड़ों में होने वाली टीबी पर निजात पाने में सफलता प्राप्त की है। वैज्ञानिकों ने एक नया टीका बनाया है जिसकी मदद से जानवरों में होने वाली टीबी पर काबू पाया जा सका। यह टीका इंग्लैंड के सरे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। जो कि जानवरों में होने वाली टीबी (बोवाइन टीबी) के उपचार के लिए उपयोग किया गया। उल्लेखनीय है कि बोवाइन टीबी, जानवरों के फेफड़ों को प्रभावित करने वाला एक संक्रामक रोग है। यह शोध जर्नल साइंटिफिक रिपोट्र्स में प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है कि पहली बार एक टीका बनाया है, जो ट्यूबरकुलिन स्किन टेस्ट (पीपीडी) के साथ उपयोग किया जा सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन के अनुसार, वर्ष 2018 में भारत के लगभग 2.18 करोड़ पशु इस बीमारी से संक्रमित थे, यह संख्या तबके अमेरिका के डेयरी के गायों की कुल संख्या से अधिक थी। इस नए टीके से देश के करोड़ों जानवरों को काल कवलित होने से बचाया जा सकता है।