
जयपुर। राजस्थान की गंगापुर सिटी से विधायक रामकेश मीना को अदालत ने एक माह के सिविल कारावास से दंडित किया है। बताया जा रहा है कि रामकेश मीना ने कोर्ट स्टे के बावजूद मकान में निर्माण करा लिया। इसके बाद वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश शालिनी गोयल ने मीना को एक माह के सिविल कारावास से दंडित किया।
विधायक रामकेश मीना का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। वे इसके खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे और न्यायालय को वास्तविक तथ्यों से अवगत कराएंगे। मीना ने खुद पर केस दर्ज करने वालों पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि नगर पालिका एरिया में आने वाले उनके मकान के बाद 8 फुट की गली है, जिस पर दूसरे पक्ष ने कब्जा करके दुकानें बना ली हैं।
रामकेश मीना के खिलाफ शांति देवी सहित अन्य ने फरवरी 2008 में याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि उनकी दीवार में मीना खिड़कियां निकाल रहे हैं। इसके बाद 22 फरवरी 2008 को निर्माण कार्य पर स्टे लगा दिया गया। इस संबंध में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने भी रिपोर्ट भी दाखिल की थी।
शिकायतकर्ता के वकील भानु सिंघल के अनुसार, 21 फरवरी 2008 को कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें पीड़ित पक्ष ने बताया था कि उनकी जमीन के पास ही मीना की प्रॉपर्टी भी है। ऐसे में कोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। आरोप है कि मीणा ने कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा। इसके बाद पीड़ित पक्ष दोबारा कोर्ट पहुंचा तो रामकेश मीना को दोषी पाया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें एक महीने की सजा सुना दी।