सार्वजनिक शिक्षा (Public education) के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को मिलने वाले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों (National Teacher Awards) की सूची केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची जारी की गई, जिसमें राजस्थान से एकमात्र बाड़मेर जिले की शिक्षिका गीता कुमारी का चयन हुआ है।
सीकर। सार्वजनिक शिक्षा (Public education) के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को मिलने वाले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों (National Teacher Awards) की सूची में इस साल गुजरात, झारखंड व कर्नाटक के शिक्षकों ने बाजी मार ली है। यहां के तीन-तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा। देश के 13 राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों से दो-दो शिक्षकों का चयन हुआ है, जबकि राजस्थान सहित 12 राज्यों से महज एक-एक शिक्षक को ही पुरस्कार मिलेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) की ओर से चयनित शिक्षकों की सूची जारी की गई, जिसमें राजस्थान से एकमात्र बाड़मेर जिले की शिक्षिका गीता कुमारी का चयन हुआ है। जुलाई में शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आवेदन मांगे गए थे। ज्यादातर राज्यों की ओर से छह नाम मंत्रालय को भिजवाए गए थे। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में दो विशेष शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं। दोनों विशेष शिक्षकों को नेत्रहीन विद्यार्थियों की पढ़ाई के नवाचार के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा।
किस राज्य को कितने मिले पुरस्कार
-तीन-तीन पुरस्कार : गुजरात, झारखंड, कर्नाटक
-दो-दो पुरस्कार : तमिलनाडू, दिल्ली, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, सिक्किम, मेघालय, उत्तरप्रदेश।
-केवल एक शिक्षक : तेलंगाना, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, गोवा, लद्दाख, आंध्रप्रदेश, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, असम।
17 महिलाओं ने बाजी मारी
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की सूची में देश की 17 महिला शिक्षकों ने बाजी मारी है। सबसे ज्यादा शिक्षिका कर्नाटक व झारखंड राज्य से दो-दो हैं। इसके अलावा तमिलनाडू, गुजरात, गोवा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, सिक्किम, केरल व तेलंगाना से एक-एक शिक्षिका का चयन हुआ है।
चार राज्यों की आधी दुनिया ने बचाई लाज
देश के चार राज्यों की लाज आधी दुनिया ने बचाई है। राजस्थान, गोवा, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना से एक-एक शिक्षक का चयन हुआ है और वे भी महिलाएं हैं।
एक्सपर्ट व्यू: प्रदेश में भी काम अच्छा, सामने लाना होगा
प्रदेश के शिक्षक बेहद सराहनीय काम कर रहे हैं। कई शिक्षकों का नवाचार राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच ही नहीं पाता है। इसके लिए आवेदन के समय सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। हमारे कई शिक्षकों के नाम मंत्रालय स्तर के पैनल तक पहुंचते हैं, लेकिन साक्षात्कार में फिसड्डी रहने की वजह से वे अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाते। राष्ट्रीय पुरस्कार की दौड़ वाले शिक्षकों के लिए डेमो साक्षात्कार की व्यवस्था भी शुरू की जा सकती है।
-भंवर सिंह, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक, सीकर
शिक्षा को समर्पित कर दी पुश्तैनी जमीन
शिक्षक गीता ने बाढग़्रस्त क्षेत्र स्थित अपने विद्यालय और विद्यार्थियों को खोने के बाद खुद की पूरी पुश्तैनी भूमि विद्यालय निर्माण के लिए सौंप दी। विद्यालय का पुनर्निर्माण करने वाली गीता का बालिका शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और स्वयं की शिक्षा ग्रहण करने की कहानी भी अत्यंत प्रेरणास्पद है।
-गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री (ट्वीट के अनुसार)