क्रीआर कैनवास टेल अवर फर्स्ट आर्ट प्रदर्शनी जवाहर कला केन्द्र के पारिजात-2 में आयोजित हुई थी। प्रदर्शनी में करीब 200 बच्चों की कला को पहचान और प्रशंसा मिली। कला प्रेमियों ने कहा कि बच्चों की कला का इस तरह का प्रदर्शन प्रशंसनीय है।
जयपुर। जवाहर कला केंद्र में हुई तीन दिवसीय प्रदर्शनी में बच्चों की बनाई पेंटिंग को उनके अभिभावकों और कला प्रेमियों ने निहारा। क्रीआर कैनवास टेल अवर फर्स्ट आर्ट प्रदर्शनी जवाहर कला केन्द्र के पारिजात-2 में आयोजित हुई थी। प्रदर्शनी में करीब 200 बच्चों की कला को पहचान और प्रशंसा मिली। कला प्रेमियों ने कहा कि बच्चों की कला का इस तरह का प्रदर्शन प्रशंसनीय है। वरिष्ठ कलाकार कुलदीप, बाल लेखक अनय ने बच्चों को चित्र बनाना व कहानी लिखना सिखाया।
प्रदर्शनी में क्रीआर फाउंडेशन के डायरेक्टर कुलदीप ने बच्चों को तीन दिन तक सजीव कार्टून बनाना सिखाया। इस मौके पर बाल लेखक अनय सक्सेना ने अपनी कहानियों से बच्चों का मन मोह लिया। वहीं सिनाया बियानी ने बच्चों को हूलाहूप सिखाया।
12 फुट लंबी कैनवास पेंटिंग रही आकर्षण का केंद्र
क्रीआर कैनवास टेल आर्ट प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र 12 फुट लंबी कैनवास पेंटिंग रही। इसमें कई बच्चों ने रंग भरे। कैनवास पेंटिंग बच्चों के अंदर चल रहे सुख, दुख के भावों का परिणाम दिखी। इस दौरान एक बच्ची ने लकड़ी के बनाए खिलौनों में ग्रेजुएट होने का सपना देखा। क्रीआर फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि प्रदर्शनी में गरीब बच्चों को भी लाया गया।
अभिभावकों से की अपील
कार्यक्रम में कई पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ आए, वहीं कई बच्चे अकेले ही आए। इस पर 13 वर्षीय अनय ने अभिभावकों से अपील की की उन्हें इतना समय तो बच्चों के लिए निकलाना चाहिए कि वो बच्चों की मेहनत देखने आते। एक दिन बच्चे तो बड़े हो जाएंगे, परंतु वो भी माता-पिता को समय नहीं देंगे।