बारां से कोटा लोटते वक्त एक फिजियोथैरेपिस्ट की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। 6 बहनों में इकलौता भाई था। सूचना के बाद से परिजनों खासकर उनकी बहनों के हाल बुरे हैं।
जयपुर. बारां से कोटा लोटते वक्त एक फिजियोथैरेपिस्ट की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। 6 बहनों में इकलौता भाई था। सूचना के बाद से परिजनों खासकर उनकी बहनों के हाल बुरे हैं। इसके अलावा उनके एक बच्चा भी है। परिजनों का घटना के बाद से बुरा हाल है वे मौत को हत्या बता रहे हैं। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम करके परिजनों को सौंप दिया हैं। मृतक फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर जुगल किशोर (39) कोटा छावनी रामचंद्रपुरा का रहने वाला था।
पुलिस जांच में सामने आया कि जुगल बारां मरीज देखकर कोटा वापस आ रहा था। कुछ लोगों ने उसे रास्ते में वह अचेत हालत में पड़ा देखा तो एम्बुलेंस से इलाज के लिए उसे कोटा शहर एमबीएस हॉस्पिटल लाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर की मौत पर हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि उसे जहर देकर मारा गया है। उनका कहना है कि जुगल मिलनसार थे ना ही किसी झगड़ा करते थे। हर रोज किसी न किसी के यहां आना जाना लगा रहता था, ऐसा उनके साथ कभी नहीं हुआ है।
मृतक के जीजा चेतन चंदोलिया ने कहा जुगल किशोर फिजियोथैरेपिस्ट थे। लोगों के घर जाकर थैरपी करते थे। रविवार को सुबह 10 बजे के आसपास बाइक से बारां में मरीज को देखने गए थे। शाम को एनएच 27 सिमलिया के आसपास संदिग्ध हालत में पड़े मिले। इसके बाद उन्हें 108 एम्बुलेंस से कोटा लाया गया। हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर ने चैक किया तो कीटनाशक से तबियत बिगड़ने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि उनके कपड़ो से ऐसा लग रहा है कि उसने साथ किसी ने जबरदस्ती कर उनको कीटनाशक पिलाया। सिमलिया थाना के हेड कांस्टेबल नरेश कुमार ने बताया रविवार देर शाम NH 27 पर सिमलिया थाना क्षेत्र के पंचमुखी ढाबे के पास जुगल अचेत हालात में मिला था। अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने अज्ञात पदार्थ खाने, किसी के द्वारा खिलाने की संभावना जताई है। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।