जयपुर

PODCAST : बुद्धिमती मां भ्रान्तिरूपा

आज व्यक्ति की शिक्षा बुद्धि प्रधान है। वहां प्रज्ञा का जागरण होता ही कहां है? बुद्धिमान एक ओर धर्मनिरपेक्ष हो गया, वहीं दूसरी ओर संवेदनहीन होकर रूखा हो गया।

less than 1 minute read
May 03, 2026
Feature image

Gulab Kothari Article : बुद्धिमती मां भ्रान्तिरूपा : शिक्षा ने जीवन छीनकर मौत से, अविद्या के परिवार से जोड़ दिया। सत्य छीनकर झूठ से लपेट दिया। शिक्षा ही इस देश में प्रत्यक्ष माता बनकर आई। देश की दिव्यता को पशुता के वेश में लपेट दिया। इसी को हम बुद्धिजीवी-विकसित व्यक्ति कहते हैं। अनपढ़ व्यक्ति में इतना झूठा आचरण करने और भ्रष्टाचार (जहां स्वयं के स्वार्थ के लिए किसी का भी, किसी भी सीमा तक) के वर्तमान स्वरूप तक जाने का सामथ्र्य नहीं हो सकता।

Published on:
03 May 2026 06:53 pm