जयपुर

PODCAST : आत्मभाव ही मानव की संस्कृति

Gulab Kothari Article स्पंदन– मनुष्य के आध्यात्मिक और आधिभौतिक स्वरूप से सम्बन्ध रखने वाले अन्त: और बाह्य आचार को ही संस्कृति और सभ्यता माना जाता है। इस संस्कृति और सभ्यता को समझने के लिए मानव का स्वरूप जानना आवश्यक है। शरीर-बुद्धि-मन-आत्मा इन चारों की समष्टि ही मानव है।

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Feb 20, 2026

Gulab Kothari Article स्पंदन- मनुष्य के आध्यात्मिक और आधिभौतिक स्वरूप से सम्बन्ध रखने वाले अन्त: और बाह्य आचार को ही संस्कृति और सभ्यता माना जाता है। इस संस्कृति और सभ्यता को समझने के लिए मानव का स्वरूप जानना आवश्यक है। शरीर-बुद्धि-मन-आत्मा इन चारों की समष्टि ही मानव है।

Updated on:
20 Feb 2026 05:51 pm
Published on:
20 Feb 2026 05:12 pm
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