छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला, तब करवाया महिला का पोस्टमार्टम पुलिस जीप की चपेट में आने से हो गई थी 55 वर्षीय महिला की मौत शिवदासपुरा थाना अंतर्गत सीमल्या में जमीन विवाद के चलते एक पक्ष के दो लोगों को बैठाकर लाने के दौरान विरोध होने का मामला
जयपुर. शिवदासपुरा थाना के सब इंस्पेक्टर हीरालाल जाट सहित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ महिला पर जीप चढ़ाकर हत्या करने का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद सीमल्या निवासी लक्ष्मा देवी के शव का करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार शाम एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। डीसीपी विकास पाठक ने बताया कि प्रकरण में एफआइआर दर्ज कर मृतका के परिजनों की मांग के अनुसार जांच एडिशनल डीसीपी साउथ को सौंपी गई है। परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी साबित होता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि हत्या और मारपीट का मामला सीमल्या निवासी लक्ष्मा देवी के बेटे गंगाराम मीणा की रिपोर्ट पर शुक्रवार दोपहर दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बताया है कि गुरुवार शाम करीब चार बजे सब इंस्पेक्टर हीरालाल जाट के साथ पुलिस चालक, तीन पुलिसकर्मी और एक महिला कांस्टेबल उनके घर आए। पुलिस के साथ सामने वाले पक्ष का सीताराम और उसके परिवार के लोग थे। घर पर आते ही पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने वाले गंगाराम और उसके भतीजे सूरज को मारपीट करते हुए गाड़ी में बैठाने लगी और गुरुवार सुबह 10 बजे हुई जमीन की बात को लेकर अभद्र भाषा बोलने लगे। मां लक्ष्मा देवी व जगदीश नारायण ने पुलिस वालों को मारपीट करने से रोका और बातचीत करने के लिए कहा। तभी सब इंस्पेक्टर ने मां को धक्का मार गिरा दिया और उसके ऊपर से पुलिस वाहन निकाल ले गए। सामने एक गाय का बछड़ा आया तो उसके जीप से टक्कर मारते हुए निकल गए। चाचा-भतीजा को थाने ले जाकर पीटा। घटना में उसकी मां और बछड़े की मौत हो गई। हत्या करने वाले दोषी पुलिसकर्मी और अन्य लोगों पर कानूनी कार्रवाई करें।
पहले पोस्टमार्टम करवाने से कर दिया था इनकार
गौरतलब है कि गुरुवार शाम चार बजे पुलिस जीप की चपेट में आने से लक्ष्मा देवी की मौत हो गई। इसके बाद बढ़ते आक्रोश को देखते हुए देर रात 12 बजे पुलिस व प्रशानिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब परिजनों को समझाकर शव एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। लेकिन शुक्रवार सुबह एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। तब दोपहर में पुलिस ने एफआइआर दर्ज की और आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।