
पुलिस मुख्यालय ने गाइडलाइन जारी की
जयपुर
नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर हो रहे हमलों से चिंतित पुलिस मुख्यालय ने गाइडलाइन जारी की है। पुलिस विशिष्ट महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एनआरके रेड्डी ने सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि नाकाबंदी और अपराधियों का पीछा करते समय पुलिस अधिकारी व कर्मचारी पूरी सावधानी बरतें। पुलिसकर्मी सभी सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित रहें। थानाधिकारी मुख्यालय के निर्देश की पालना नहीं कर रहे हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि पुलिस अधिकारी-कर्मचारी अधूरी तैयारी के साथ नाकाबंदी व अपराधियों को पकडऩे पहुंच जाते हैं। ऐसे में कई बार पुलिस पर हमला होता है, जिससे पुलिस जवान व अधिकारी घायल हो जाते हैं।
परिपत्र में ये भी निर्देश
निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में पुलिस अधिकारी, विशेषकर वृत्ताधिकारी और थानाधिकारी अपराधों की जांच-पड़ताल करने, गश्त या नाकाबंदी चेकिंग के लिए जाएं तो पद के अनुरूप अधिकृत हथियार साथ लेकर जाएं। अधिकारी थाने से बाहर जाते समय पुलिस वाहन में ऐसे एक-दो हथियारबंद पुलिसकर्मियों को साथ लेकर जाएं, जिन्होंने विशेष रूप से एके-47, इंसास, पंप एक्शन गन का प्रशिक्षण लिया है।
नाकाबंदी में ये करने होंगे इंतजाम
पुलिसकर्मी हथियार, पंप एक्शन गन, टायर पंक्चर उपकरण, बुलेट प्रूफ जैकेट, रिफ्लेक्टर जैकेट, ड्रेगन लाइट से लैस हों। एसयूवी वाहनों पर विशेष ध्यान दें। वाहन चालक के लाइसेंस व कागजात की जांच की जाए। यह सुनिश्चित करें कि वाहन चोरी का नहीं हो। काले व गहरे रंग के शीशे तथा आगे-पीछे बंपर लगे वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे वाहनों का उपयोग अपराधी तस्करी में कर सकते हैं। नाकाबंदी तोड़कर भागने वाले वाहन को पंप एक्शन गन से टायरों तथा रेडिएटर पर फायर कर रोकने का प्रयास किया जाए।
सीकर के मामले से लिया सबक
गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रदेशभर में अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उनकी धरपकड़ के लिए नाकाबंदी भी की जा रही है, लेकिन देखने में आता है कि पुलिस अधिकारी तैयारी के बिना ही नाकाबंदी और अपराधियों का पीछा करने लगते हैं। इससे कई बार अपराधियों से मुठभेड़ होने पर पुलिसकर्मियों की जान तक चली जाती है। हाल ही सीकर जिले में फतेहपुर कोतवाली एसएचओ मुकेश कानूनगो एवं सिपाही रामप्रकाश की अपराधियों ने गोली मार की हत्या कर दी थी।