
भाजपा सरकार ने रविवार को पिछली गहलोत सरकार में की गई राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसमें विभिन्न आयोग, बाेर्ड-निगमों और अन्य सरकारी समितियों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और गैर सरकारी सदस्य शामिल है।
राजस्थान पत्रिका में रविवार काे ही इस बारे में Ò कांग्रेस का राज गया, सत्ता सुख बाकीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था और इसके बाद भाजपा सरकार एक्शन में आ गई और छुट्टी के दिन ही प्रशासनिक सुधार विभाग ने ऐसी सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही जिन विभागों में गैर सरकारी सदस्यों की सलाहकार के रूप में नियुक्ति या सेवाएं ली जा रही थी, उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में ये भी कहा गया है कि ऐसे प्रकरण जिनमें वैधानिक रूप से निरस्त किया जाना संभव नहीं है, उनकी पत्रावलियां और नियमावली मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्काल भिजवाएं।
70 से ज्यादा नेताओं की थी नियुक्ति:
पिछली गहलोत सरकार ने अपने चौथे साल की शुरूआत में राजनीतिक नियुक्तियां की थी और यह सिलसिला चुनाव आचार संहिता वाले दिन तक जारी था। इनमें कांग्रेस के 70 से ज्यादा नेताओं को विभिन्न बोर्ड-आयोगों में नियुक्ति दी गई थी। इनमें कई विधायकों के अलावा पूर्व विधायकों, विधायक का चुनाव लडे़ नेता थे वहीं कुछ रिटायर्ड अफसरों को भी चेयरमैन बनाया गया था। इसके अलावा वाइस चेयरमैन और सदस्य भी बनाए गए थे। इनमें कई नेताओं को कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा दिया हुआ था और ये वेतन और भत्तों की सुविधा का लाभ ले रहे थे।
अब भाजपा सरकार करेगी राजनीतिक नियुक्तियां:
अब भाजपा सरकार बाद में इन बोर्ड- निगम और आयोगों में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करेगी और इनमें चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य बनाए जाएंगे।