
जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेशवासियों को नियमन का तोहफा देने के लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान चला रखा है। अभियान के तहत 10 लाख पट्टे देने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक यह लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाया है। ऐसे में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने खुद अभियान की कमान संभाली है। अब मंत्री 30 मई से एक जून तक माउंट आबू के ब्रह्माकुमारी भवन में कार्यशाला करने जा रहे हैं, जहां जोधपुर एवं उदयपुर संभाग के नगरीय निकायों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
जोधपुर संभाग की कार्यशाला 30 मई और उदयपुर संभाग की कार्यशाला 31 मई को रखी गई है। कार्यशाला से पूर्व राज्य सरकार द्वारा गठित टीम व दल द्वारा नगरीय निकायों में field visit कर अभियान की प्रगति का जायजा लेंगे। साथ नगरीय निकायों में लम्बित पत्रावलियों व अस्वीकृत की गई पत्रावलियों का अवलोकन कर पेंडेंसी के कारणों का पता लगाएंगे। field visit में दलों द्वारा कॉलोनियों का दौरा कर आमजन से भी पट्टों आदि का फीडबैक लिया जाएगा। निरीक्षण दलों के सदस्य उन्हें निरीक्षण के लिए आवंटित स्थानीय निकायों का निरीक्षण 20 मई से 28 मई तक कर सकते है। सभी दलों को रिपोर्ट भरने के लिए अलग से फॉर्मेट दिया गया है।
दलों को सौपा यह काम
—निरीक्षण दल निकायों में पट्टों की लम्बित, निरस्त पत्रावलियों का परीक्षण कर निरस्तीकरण / लम्बित रहने के कारणों की जानकारी लेंगे।
—दल द्वारा लम्बित पट्टों की न्यूनतम 10 और निरस्त पट्टों की न्यूनतम 10 पत्रावलियों का अध्ययन कर निष्कर्ष अपनी जांच रिपोर्ट में सम्मिलित करेंगे।
— जोधपुर संभाग के निरीक्षण दल 30 मई व उदयपुर संभाग के निरीक्षण दल 31 मई को सुबह 10 बजे समीक्षा बैठक में भाग लेगें।
—यूडीएच सलाहकार की अध्यक्षता में बैठक में उक्त निरीक्षण दलों की रिपोर्ट और प्राप्त फीडबैक पर चर्चा की जाएगी।
—सभी स्थानीय निकायों के आयुक्त, उपायुक्त और अधिशाषी अधिकारी निरीक्षण दलों के कार्य में सहयोग एवं सहायता करेंगें। साथ ही अभियान से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध करवाएंगे।
—जोधपुर और उदयपुर संभाग के क्षेत्रीय उप निदेशक (स्थानीय निकाय विभाग) द्वारा निरीक्षण दलों से उनके अधीन संभाग में समन्वय किया जाएगा।
—निरीक्षण दलों में नियुक्त स्थानीय कार्मिकों को उक्त आदेश के अनुसार पाबन्द किया जाएगा।
—कार्यशाला में जोधपुर और उदयपुर संभाग में नियुक्त प्रेक्षक भी उपस्थित रहेंगे।