प्रशासन शहरों के संग अभियान में पुरानी बसावट में फ्री होल्ड पट्टे के लिए मूल संपत्ति धारकों को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित नहीं करनी होगी। एलएसजी और यूडीएच ने नगर सुधार न्यास, विकास प्राधिकरण और नगरपालिका अधिनियम के लिए संशोधन कर सोमवार को आदेश जारी किया है।
जयपुर।
प्रशासन शहरों के संग अभियान में पुरानी बसावट में फ्री होल्ड पट्टे के लिए मूल संपत्ति धारकों को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित नहीं करनी होगी। एलएसजी और यूडीएच ने नगर सुधार न्यास, विकास प्राधिकरण और नगरपालिका अधिनियम के लिए संशोधन कर सोमवार को आदेश जारी किया है।
आदेश के तहत सीधे पत्रावली में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इन व्यक्तियों के अलावा अन्य श्रेणी के लोगों के आवेदन पर 7 दिन की आपत्ति सूचना आवेदक को अपने खर्चे पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। ये संशोधन प्रशासन शहरों के संग अभियान अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। सरकार ने राजस्थान नगर सुधार न्यास अधिनियम 1959 की धारा 80-सी, जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982 की धारा 54-ई, अजमेर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2013 की धारा 50-बी, जोधपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2009 की धारा 50-बी और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 69-ए में संशोधन किया है। साथ ही Rajasthan Municipalities (Surrender of Non-Agricultural Land and Grant of Freehold Lease) Rules, 2015 के अन्तर्गत जारी विभागीय परिपत्र में भी संशोधन करते हुए ये आदेश जारी किया गया है।
आपको बता दें कि सरकार ने अभियान के तहत 10 लाख पट्टे जारी करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन दो महीने से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद भी पट्टा अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। अभी तक सभी निकायों ने मिलकर सवा लाख के आसपास ही पट्टे जारी किए हैं। जबकि एक लाख पट्टे देने का लक्ष्य अभियान के पहले दिन ही रखा गया था। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार लगातार छूट दे रही है। ताकि लोगों को पट्टा लेने में आसानी रहे।