जयपुर जिले के किसानों को एकजुट करने की तैयारी
जयपुर
केन्द्र सरकार की ओर से खरीफ की फसलों पर एमएसपी बढ़ाए जाने के बाद अब किसान दूध, सब्जी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने समेत अन्य मांगों पर आंदोलन करेंगे। जयपुर जिले में करीब ढाई हजार गांवों में खेत बचाओ किसान बचाओ यात्रा निकाली जाएगी। इसका आगाज 11 जुलाई से होगा। इस यात्रा के जरिए जिले के गांव गांव में जाकर किसानों को उनकी मांगों के लिए हजारों की संख्या में एकजुट किया जाएगा। इस यात्रा के संयोजक डॉ नगेन्द्र सिंह शेखावत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस आंदोलन के तहत गांवों में किसान सभाएं आयोजित कर जल्द ही किसान महापंचायत होगी।
शेखावत ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का बाजिव दाम नहीं मिल पा रहा है। किसानों की जमीन अवाप्ति संबंधी समस्याओं का निवारण नहीं होने से भी किसानों में नाराजगी है। जयपुर जिले में पानी की कमी के चलते खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है लेकिन इस ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। सरकार किसानों की जमीन अवाप्त कर उन्हें शरणार्थी बना रही है। इन तमाम मुद्दों पर खेत बचाओ किसान बचाओ यात्रा निकाली जाएगी।
गांवों में होंगी किसान सभा
जयपुर जिले के लगभग सभी गाँवों में से प्रत्येक में किसान सभा आयोजित कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें जागरूक व संगठित किया जाएगा। खेत बचाओ किसान बचाओ यात्रा के सम्पूर्ण होने पर जयपुर जिले के सभी किसानों की विशाल किसान महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके जरिए किसानों की सभी माँगों को मानने के लिए सरकार को झुकने के लिए दवाब बनाया जाएगा।
नहीं मिलती पूरी कीमत
जयपुर जिले का किसान पानी की कमी से जूझते हुए विषम परिस्थितियों में खेती और पशुपालन कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद दूध, सब्जी और फसल का उचित मूल्य मिलना तो दूर लागत भी नहीं मिल पाती है। इस कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। इसके साथ ही सरकार गरीब किसानों की जमीन अवाप्त कर उन्हें अपने ही शहर में शरणार्थी बनने को मजबूर कर रही है। ऐसे में किसानों की आय दोगुना करने के दावे बेमानी ही हैं। जमीन अवाप्त होने पर उचित मुआवजा मिलना तो दूर, जो मिलता है उसके लिए भी दर-दर भटकना पड़ता है।