
जयपुर जिले के जिन वाहन चालकों ने अपने वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं लिया है या अवधिपार हो गया है, उन्हें तीन नवंबर से पहले यह प्रमाण-पत्र लेना होगा। एेसा नहीं होने पर तीन नवंबर के बाद इन वाहनों पर दो सौ रुपए से एक हजार रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।
ऑनलाइन प्रदूषण जांच योजना के तहत जुर्माने का प्रावधान
परिवहन विभाग ने प्रदूषण जांच की नई ऑनलाइन राजस्थान मोटरयान प्रदूषण जांच केन्द्र योजना -2017 के तहत जुर्माने का प्रावधान कर दिया है। जयपुर जिले में यह योजना परिवहन मंत्री युनूस खान ने 4 अक्टूबर को लॉन्च की थी, जिसमें एक माह में प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने पर जुर्माने से छूट का प्रावधान है। यह अवधि 3 नवंबर को समाप्त हो रही है। परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि एेसे में तीन नवम्बर तक वाहन चालक निर्धारित शुल्क देकर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र ले सकते हैं। योजना की जानकारी विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
यूं करा सकते हैं जांच
परिवहन विभाग ने जिले के सभी 154 प्रदूषण जांच केन्द्रों को ऑनलाइन नेटवर्किंग से जोड़ दिया है। इन पर जाकर प्रदूषण जांच कराई जा सकती है। प्रमाण पत्र जारी करते वक्त वाहन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसका शुल्क दुपहिया वाहन के लिए 50 रुपए, पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी तिपहिया व चौपहिया वाहन के लिए 70 रुपए और डीजल वाहनों के लिए 100 रुपए होगा। प्रदूषण जांच का ई-प्रमाण-पत्र वाहन मालिक को एसएमएस से भी दिया जाएगा।
ऐसे लगेगा जुर्माना - दुपहिया वाहनों पर 200 एवं चौपहिया पर 500 रुपए का जुर्माना तय
3 नवम्बर तक प्रमाण पत्र नहीं लेने या नवीनीकरण नहीं कराने पर एक माह तक निर्धारित शुल्क के साथ दुपहिया वाहन पर 200 रुपए एवं चौपहिया वाहन पर 500 रुपए जुर्माना देना होगा। इससे ज्यादा विलम्ब होने पर दुपहिया वाहन पर 500 रुपए एवं चौपहिया वाहन पर एक हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।