
Jaipur MBA Student Death: मृतक छात्रा यशस्वी व यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। सुबह का वक्त था यूनिवर्सिटी में परीक्षा की तैयारी और सहपाठियों के बीच हंसी-मजाक चल रहा था। 23 वर्षीय यशस्वी रोहिला भी दोस्तों से सामान्य अंदाज में बातचीत कर रही थी। कुछ दिन पहले ही उसे 7 लाख 25 हजार रुपए सालाना पैकेज पर निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। परिवार और खुद यशस्वी इससे काफी खुश थे। लेकिन शनिवार सुबह एक फोन कॉल के बाद घटनाक्रम ऐसा बदला कि कुछ ही पल में खुशियों के सपने मातम में बदल गए।
यशस्वी ने सीतापुरा स्थित एक यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल पर पहुंची और उसकी मौत हो गई। साथी विद्यार्थी उसे बचाने दौड़े, लेकिन वे बचा नहीं सके। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। यूर्निवर्सिटी ने शनिवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर छुट्टी कर दी।
पुलिस के अनुसार गुर्जर की थड़ी स्थित प्रेम नगर निवासी यशस्वी MBA द्वितीय वर्ष में तृतीय सेमेस्टर की छात्रा थी। वह डिजिटल मार्केटिंग की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को उसका मिड सेमेस्टर का पेपर था। परीक्षा से पहले सुबह करीब 9: 45 बजे उसके पास फोन आया और वह बाहर आ गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में कुछ मिनट तक फोन पर बातचीत करती नजर आई। इसके बाद वॉशरूम गई और बैग में मोबाइल रखकर छठी मंजिल की तरफ चली गई।
छठी मंजिल पर यशस्वी पहुंची तो विद्यार्थियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने उसे रोकने के लिए दौड़ लगाई, लेकिन वे उसके पास पहुंच पाते, इससे पहले ही घटना हो गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी राजेश गौतम के अनुसार शुरुआती जांच में किसी परिचित दोस्त से अनबन की बात सामने आ रही है। प्रेम-प्रसंग के पहलू पर भी जांच की जा रही है। हालांकि अभी घटना की असल वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यशस्वी ने आखिरी बार किससे बात की थी और बातचीत के दौरान क्या हुआ। उसका मोबाइल और बैग कब्जे में लिया गया है। मोबाइल लॉक होने के कारण उसे साइबर सेल की मदद से जांच के लिए भेजने की तैयारी है। आखिरी वाट्सऐप मैसेज और कॉल डिटेल भी जांच का हिस्सा हैं। सहपाठियों से भी पूछताछ की जा रही है।
यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार यशस्वी पढ़ाई में होशियार और नियमित छात्रा थी। दो महीने पहले उसका निजी कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट भी हुआ था। सालाना पैकेज 7.25 लाख रुपए था। प्लेसमेंट के बाद वह खुश थी। ऐसे में अचानक हुई इस घटना से यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी और शिक्षक भी स्तब्ध हैं।
दुर्भाग्य से जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत को भी एक वर्ष हुआ है। अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी का कहना है कि आपराधिक और सिविल दोनों मामलों में आज भी न्याय का इंतजार है। 1 नवंबर 2025 को चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की स्कूल समय के दौरान चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी।
Updated on:
31 Oct 2026, 9:06 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 9:01 PM IST
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