
Public Ka Panna : 'पत्रिका' की नई पहल, 'पब्लिक का पन्ना' से जुड़ कर जयपुर की जनता ने अपनी परेशानियां हमसे साझा की हैं। जनता ने सिस्टम से कई बार गुहार लगाई, पर समाधान नहीं मिला। कुछ समस्याएं तो जानलेवा हो गईं है। जानिए अपने शहर का जनता का दर्द। जय सैन, लक्ष्मी नगर, (बाईपास के पास) कॉलेज के लेक्चर अटेंड करने की उम्र में इन दिनों फिजियोथैरेपिस्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह दर्द किसी लाइलाज बीमारी से नहीं, मुख्य चौराहे से गुजरने वाली उस सड़क ने दिया है, जिसके 50 मीटर के टुकड़े पर छोटे-बड़े 50 से अधिक जानलेवा गड्ढे हैं। क्षेत्र के विकास के दावों की पोल खोल रही यह सड़क दो-ढाई महीनों से बदतर हालत में हैं। यह सड़क रानी कॉलोनी, जगदीश कॉलोनी, साउथ कॉलोनी, रमेशपुरी और श्रीरामपुरी सहित आस-पास की 25 से अधिक कॉलोनियों के लोगों के लिए परिवहन का मार्ग नहीं, हर दिन दर्दनाक इम्तिहान बन चुकी है।
हर दिन इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरने वाले युवाओं और बुजुर्गों सहित अन्य लोगों को गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की उदासीनता ने स्थानीय लोगों और इधर से गुजरने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस सड़क पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
अक्सर वाहन मुख्य मार्ग के बीचों-बीच पार्क करने से जाम लग जाता है। हाल ही सड़क पर गाड़ी खड़े होने के कारण निगम का वाहन काफी देर तक रास्ते में ही फंसा रहा। लोगों द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद वाहन मालिकों पर कोई असर नहीं हो रहा।
राजेश कुमार शर्मा, पुरोहित पाड़ा
सीवरेज के गंदे पानी के सड़क पर बहने की समस्या एक महीने से बनी हुई है। पूरी लाइन चोक होने के कारण लोग बदबूदार माहौल में जीने को मजबूर हैं। जल्द ही इस समस्या से मुक्ति दिलाई जाए।
दौलत जैन, चित्रकूट, वैशाली नगर, डी-ब्लॉक
खाली भूखंड पर कुछ लोग कचरा-गोबर फेंक देते हैं। लंबे समय से यह सिलसिला चला आ रहा है। कूड़े के ढेर के चलते आस-पास दुर्गंधयुक्त माहौल हो रहा है। मच्छरों के मंडराने से डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
राजेश रूंगटा, सेक्टर-68
बंदर अक्सर झुंड में आते हैं। इनके अचानक हमले की आशंका से भी बच्चे-बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से डरते हैं। इस कारण स्थानीय लोग अपने ही घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। वीआइपी इलाका होने के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं गया। समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिलने से लोगों में रोष है।
भगाने पर काटने के लिए दौड़ते हैं...
बंदर झुंड में कभी भी आ धमकते हैं। उनके डर के कारण छत पर, बरामदे में सामान खुला नहीं छोड़ सकते। भगाने पर काटने के लिए दौड़ते हैं। तारा कुमावत, इंद्रपुरी
जैसे-तैसे जान बचाई...
बंदर गमले तोड़ देते हैं। छत पर सूख रहे कपड़े फाड़ देते हैं। कमरा खुला रखकर सोने पर एक बार रात तीन बजे तीन-चार बंदर भीतर घुस गए। जैसे-तैसे कमरे से निकलकर उनसे जान बचाई। दीपक स्वामी, अवधपुरी
स्थानीय गांव के तालाब-तलाई में बारिश के बाद गंदा पानी भर जाता है। गंदे पानी में कीड़े होने के साथ ही तालाब व आस-पास के क्षेत्र मच्छर भी मंडराते हैं। मच्छरों के काटने से भी कई लोग परेशान हैं।
मोनू कुमार, लूनियावास, गोनेर रोड, वार्ड 69
चर्म रोगों का भी खतरा
तलाई के गंदे पानी में पनप रहे मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि स्थानीय रहवासियों का जीना दूभर हो चुका है। डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। दूषित जल के प्रयोग या स्नान से त्वचा संबंधी रोगों का जोखिम भी बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।
तलाई में से निकलते है सांप
तलाई में से सांप निकलते हैं। इसमें दो-तीन बार गाय भी गिर चुकी है। निगम में भी कई बार शिकायत की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
परमेंद्र जाजोरिया, लूनियावास
आने-जाने में होती है परेशानी
कॉलोनी का गेट नंबर-3 दोनों तरफ से बंद रहने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को मंदिर आने-जाने में परेशानी होती है। गेट नंबर-2 पर मॉल के कारण हमेशा जाम की स्थिति रहती है। कुछ लोग लोग सड़क पर ही अनधिकृत पार्किंग कर देते हैं।
नरेश राव, उत्तर गांधी पथ, वैशाली
आवारा श्वानों का आतंक
इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प व आस-पास आवारा श्वानों का आतंक है। श्वान राहगीरों पर झुंड में हमला कर देते हैं। अक्सर वाहनों के पीछे दौड़ना शुरू कर देते हैं। दोपहिया चालक इनसे बचने के फेर में संतुलन खो बैठते हैं। और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
शैलेश शर्मा, शिप्रा पथ, मानसरोवर
पेयजल किल्लत का करना पड़ रहा है सामना
दो साल पहले क्षेत्र में कुछ दूरी तक बीसलपुर की पाइपलाइन डालकर काम को रोक दिया गया। इससे लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है। सीवर लाइन के लिए भी नक्शा मैपिंग का काम हो चुका है। इसके आगे कोई काम नहीं हुआ।
मुकेश गुर्जर, जग्गा की बावड़ी, जामडोली
बाहर की दवाई देने से इंकार कर रहे दुकानदार, टूट रहा इलाज का क्रम
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत डॉक्टरों द्वारा लिखी गई बाहर की दवाइयां दुकानदार देने से इनकार कर रहे हैं। कई जीवनरक्षक दवाइयों को इस योजना से बाहर कर दिए जाने से पेंशनर्स को आर्थिक संकट के साथ ही अन्य परेशानियों का सामना करना पड रहा है। समय पर दवा न मिलने पर इलाज का क्रम टूट जाता है।
मुंशी लाल यादव, कल्याण कॉलोनी, टोंक फाटक
सुबह और शाम सैर के लिए जाना पड़ता है दूर
एशिया की सबसे बड़ी कॉलोनी कही जाने वाली मानसरोवर का विस्तार कर दिया गया, लेकिन टाउन प्लानिंग के दौरान यहां जिम्मेदारों ने पार्क के लिए जगह ही नहीं छोड़ी। इस कारण स्थानीय लोगों को सुबह-शाम सैर करने के लिए दूर जाना पड़ता है। अब तक कई सरकारें बदल चुर्की, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस समस्या की ओर नहीं गया।
अमित गुप्ता, मानसरोवर, विस्तार
नियमित होगी निगरानी, बरसात के बाद होगी सड़कों की मरम्मत
राजस्थान पत्रिका के 31 अगस्त को प्रकाशित 'पब्लिक का पन्ना' में उठाई गई शहरवासियों की विभिन्न शिकायतों का संबंधित अधिकारियों ने समाधान शुरू कर दिया है। जय जवान कॉलोनी के पार्क में बोरवेल का इलेक्ट्रिक बॉक्स निगम जल्द सही करवाएगा। विद्युत शाखा इसे सही करवाएगी। वहीं, पोस्ट ऑफिस के सामने निगम की सतर्कता शाखा ने कार्रवाई की। निगम अधिकारियों की मानें तो शहर के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से सफाई कार्रवाई की जा रही है।
कचरा डिपो की हो रही सफाई
एमडी रोड पर जिस कचरा डिपो का फोटो प्रकाशित किया गया, उसे अब नियमित रूप से साफ करवाया जा रहा है। साथ ही निगम की ओर से लोगों को समझाया जा रहा है कि कचरा खुले में न फेंके।
1- आगरा रोड के माली की कोठी इलाकों में निगम जल्द स्ट्रीट लाइट निगम लगवाएगा।
23 साल बाद भी विकास कार्यों का इंतजार
रेनवाल के पास जेडीए की रोहिणी नगर-3 योजना को शुरू हुए 23 साल हो चुके हैं। इसके बाद भी वहां विकास कार्य नहीं हुआ है। क्षेत्र में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जेडीए द्वारा आवंटित प्लॉटों का डिमार्केशन (सीमांकन) नहीं होने से खरीदार अपने भूखंडों की सही स्थिति से भी अनजान हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्थानीय आवंटियों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण कई लोग वहां घर का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं।
अशोक कुमार गुप्ता, सात नंबर, लाजपत नगर, जगतपुरा
शातिर साइबर अपराधियों पर लगे लगाम
राजधानी में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। एक बार बिना ओटीपी और कॉल के ही मेरे भी खाते से रकम साफ हो गई। तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। भांकरोटा थाने के साइबर ऑफिसर की त्वरित कार्रवाई के बावजूद बैंक खाते में राशि वापस नहीं लौट पाई है। ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाए।
महेंद्र जौनपाल, भांकरोटा चौराहे के पास, जयसिंहपुरा
गहरे गड्ढों में भरा पानी, नालियां जाम
क्षेत्र में सड़के लंबे समय से बदहाल हैं और जगह-जगह इन पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। गणेश नगर में आयोजित पत्रिका मोहल्ला मीटिंग में स्थानीय लोगों ने इन शब्दों के जरिए क्षेत्र की दुर्दशा बयां की। साथ ही अन्य समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा। रघुनंदन सिंह हाडा, रामेश्वर प्रसाद जाटव व रामफूल मीणा ने बताया कि जलभराव के कारण बिजली के पोलों में करंट की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति भी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है।
बच्चों को परेशानी
मुकेश चौहान, राजेश वर्मा व कृष्णा ने बताया कि नालियां जाम होने से घरों के बाहर गंदा पानी भी फैल रहा है। जलभराव का सबसे ज्यादा असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरने पर बच्चों के फिसलने और दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है।
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यदि हां तो वॉट्सएप नंबर- 9057531314 व मेल आइडी jaipur@in.patrika.com पर समस्या हमें भेजें। अगली मीटिंग आपके मोहल्ले में होगी। आपकी बात जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे।