
Public Ka Panna : जयपुर शहर में पत्रिका का Public Ka Panna लगातार लोकप्रिय हो रहा है। इस बार हम कुछ और लोगों की उपलब्धियां और उनसे आपको रुबरु करा रहे हैं। इन्होंने भी अपने-अपने क्षेत्र में पिंक सिटी का नाम रोशन किया। जानिए इनके बारे में। कुछ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें अनुशासन, मेहनत और जुनून से जिया जाता है। ऐसा ही सपना कुछ बरसों पहले जयपुर की बेटी वैष्णवी एम. सक्सेना (22 वर्ष) ने देखा था, भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का। उसने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बूते पर उस सपने को हकीकत में बदल दिया। वैष्णवी ने सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) की मेरिट में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया। ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से एक वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनी है। वैष्णवी ने अपनी सफलता का श्रेय दादा-दादी के आशीर्वाद को दिया। उन्हें ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2 बार कमांडेंट सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिशिएसन भी मिल चुका है।
वैष्णवी ने बताया कि बचपन से ही सेना में शामिल होकर देश सेवा का सपना था। पिता मनीष सक्सेना पर्यावरणविद्, वन्यजीव विशेषज्ञ है, उन्हीं से यह प्रेरणा मिली है। वर्तमान में राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं। वहीं उनकी मां नम्रता सक्सेना वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन में उप निदेशक हैं।
महारानी गायत्री देवी (एसजीडी) गर्ल्स स्कूल जयपुर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री विशेष योग्यता सहित प्रथम श्रेणी से हासिल की। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातक किया। एनसीसी की सक्रिय कैडेट रह चुकी वैष्णवी राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग खिलाड़ी हैं। शूटिंग में वे एनसीसी, राजस्थान निदेशालय का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। वहीं, वैष्णवी को एनसीसी बेस्ट कैडेट का सम्मान भी मिल चुका है। अब उनके भाई चैतन्य एम सक्सेना भी सैन्य सेवा में जाने के लिए संकल्पित हैं।
हिमाचल प्रदेश के लोकभवन में शिक्षक दिवस पर समारोह हुआ। इसमें राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बरकत नगर निवासी, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, रामपुर के प्राचार्य पंकज बासोतिया को 'सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य पुरस्कार' प्रदान किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ चंबाथाल और शॉल भेंट की गई।
आर्य समाज, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली और गुरुकुल कांगड़ी, विश्वविद्यालय, हरिद्वार के तत्वावधान में राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसमें शिक्षा, संस्कृति और समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए जयपुर के डॉ. आदित्य नाग को 'इंद्र विद्या वाचस्पति सम्मान' से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को और मजबूती से निभाने की प्रेरणा मिलेगी।
सेठ आनन्दीलाल पोद्दार बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह हुआ। इसमें बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन परिणाम के लिए सात शिक्षकों को सम्मानित किया गया। अनुभव मूक शक्ति अभिभावक संघ के अध्यक्ष हरि सिंह बागडी, सचिव योगेन्द्र जोशी तथा मीना अरोड़ा ने विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संतोष कुमार, दिनेश, कुंदन चतुर्वेदी, रमेश सांसी, विनय त्रिवेदी, प्रियंका और निशी अरोड़ा का सम्मान किया