
जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रदेश के पांच शहीदों (Rajasthan Martyrs) के एक—एक आश्रित को नौकरी व 50 लाख रुपए तक नकद सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों के लिए सहायता एवं सुविधा पैकेज को संशोधित किया है।
pulwama attack 2019: अब शहीद का परिवार 50 लाख रुपए नकद अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में 25 बीघा भूमि अथवा 25 लाख रुपए नकद के साथ आवासन मण्डल के एक आवास का विकल्प चुन सकता है।
एक आश्रित को सरकारी नौकरी, बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति तथा माता-पिता को 3 लाख रुपए की सावधि जमा का लाभ पहले की तरह ही दिया जाएगा। इसके अलावा सहायता एवं सुविधा पैकेज में परिवार को कृषि भूमि पर ‘आउट ऑफ टर्न‘ विद्युत कनेक्शन, पत्नी एवं आश्रित बच्चों और माता-पिता को रोडवेज की डीलक्स एवं साधारण बसों में नि:शुल्क यात्रा पास तथा एक विद्यालय, अस्पताल अथवा अन्य सार्वजनिक स्थान का नामकरण शहीद के नाम पर किए जाना भी शामिल है। गहलोत ने प्रदेश के पांचों जवानों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की है।
इससे पहले शुक्रवार शाम को सरकार के स्तर पर इस संबंध में राज्य के सैनिकों के परिजनों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में 25-25 लाख रुपए दिए जाने का फैसला किया गया था।
आतंकवादी हमले के खिलाफ जयपुरवासियों का आक्रोश शुक्रवार को उबाल पर आ गया। हाथ में तिरंगा लहराते लोग शहर की सड़कों पर आतंकवादियों के खात्मे की आवाज बुलंद करते आगे बढ़ते गए। शहीद जवानों के प्रति दिल में दर्द था तो आतंकवादियों के खिलाफ आंखों में गुस्सा। अब और नहीं, अब और नहीं, आतंक का साया अब और नहीं..., कसम है वीर जवानों की, गर्दन उड़ा दो ऐसे हैवानों की..., आतंकवाद का खात्मा करे मोदी सरकार, बस करे सरकार... सहित कई जोशिले नारों के साथ आधी रात बाद तक पूरा शहर गूंजता रहा।
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 42 जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में राजस्थान के 5 जवान भी शामिल हैं। शहीद जवानों का नाम नारायण लाल गुर्जर (राजसमन्द), जीतराम गुर्जर (भरतपुर), हेमराज मीणा (कोटा), रोहिताश लाम्बा (जयपुर) और भागीरथ (धौलपुर) है। शहीद होने की खबर मिलते ही जवानों के घर में मातम पसर गया।