नए साल के पहले बुध पुष्य नक्षत्र पर आज शहरभर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान गजानन का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई।
जयपुर. नए साल के पहले बुध पुष्य नक्षत्र पर आज शहरभर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान गजानन का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई। इस मौके पर गणेशजी का फूलों से मनमोहक शृंगार भी किया गया। मोदक भोग अर्पित कर भक्तों को प्रसाद व रक्षा सूत्र बांटे गए। इसके बाद गणेशजी को फूल बंगले में विराजमान किया गया।
मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में भगवान गजानन का दूध, दही, घी, बूरा, शहद, केवड़ा व गुलाब जल एवं इत्र से अभिषेक किया गया। इसके बाद गंगाजल से शुद्ध स्नान करवा कर भगवान को नवीन पोशाक धारण करवाई गई। श्री गणपति सहस्त्रनाम से 1008 मोदक अर्पित किए गए।
चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में सुबह गणेश जी का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। नवीन चोला धारण कराकर नवीन पोशाक धारण करवाई गई। गणेश जी को सोने पन्ने मोती का तिलक धारण करवाया गया। गणपति अथर्वशीर्ष अष्टोत्तर नामावली से प्रथम पूज्य को 108 मोदक अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांध हल्दी की गांठ व सुपारी वितरित की गई। इस मौके पर मंदिर परिसर को फूलों और बांदरवाल से सजाया गया।