
जयपुर। प्रदेश में सुस्त मौसमतंत्र के चलते बारिश का दौर कमजोर रहने पर अब सूखे के हालात बनने लगे हैं। हालांकि पूरब के कुछ हिस्सों में बीते चौबीस घंटे में छितराई बौछारें गिरी हैं लेकिन मानसून के दूसरे दौर में झमाझम बारिश होने की उम्मीदें अब कमजोर पडऩे लगी हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो प्रदेश के पूर्वी हिस्सों को छोड़ शेष भागों में अगले तीन चार दिन और मौसम का मिजाज शुष्क रहने का अंदेशा है।
फिलहाल पंजाब और हरियाणा के आस पास बन रहे चक्रवाती तंत्र के असर से पूर्वी राजस्थान में अगले चौबीस घंटे में हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की ओर से जारी आकंड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में सामान्य से आठ फीसदी बारिश कम दर्ज हुई है ऐसे में आगामी दिनों में यदि मानसून कमजोर रहने पर सूखे के हालात बनने की आशंका है।
आज सावन का तीसरा सोमवार है और जिस तरह से गुलाबीनगर का आसमान साफ है उसे देखते हुए आज भी सोमवार सूखा बीतने वाला है। स्थानीय मौसम केंद्र ने भी आज शहर में छितराए बादलों की आवाजाही रहने पर भी मौसम का मिजाज शुष्क रहने के संकेत दिए हैं। बारिश के थमे दौर के चलते गर्मी और उमस शहरवासियों को बेचैन कर रही है।
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केरल में मूसलाधार बारिश के चलते हालात अभी भी जस के तस हैं। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बताया कि शुरुआती नुकसान 8321 करोड़ का हुआ है, शेष आकलन किया जा रहा है। इडुक्की बांध में रविवार को जलस्तर में गिरावट आई है। बांध का जलस्तर अभी 2,399.28 फीट है। हालांकि एनार्कुलम और त्रिशूर जिलों के कई हिस्से अभी भी जलमग्न हैं। बांध का स्तर अब 2,400 फीट के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन ने कहा कि पांच द्वारों को बंद करने का फैसला बारिश पर निर्भर करेगा। बांध के सभी पांचों द्वार खुले हैं। एक सेकंड में 7.50 लाख लीटर पेरियार नदी जा रहा है।