
जयपुर। राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के छह वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत कर दिया गया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की चयन समिति की अनुशंसा पर यह पदोन्नति वर्ष 2025 की रिक्तियों के तहत की गई है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अधिसूचना के अनुसार, राजेंद्र सिंह सिसोदिया, नरपत सिंह, रामस्वरूप शर्मा, राजेंद्र प्रसाद खोथ, धनपत राज और रेवंतदान को आरपीएस से प्रमोट कर आईपीएस कैडर में शामिल किया गया है। ये सभी वर्ष 1997 बैच के राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ ही इनकी पदोन्नति पर औपचारिक मुहर लग गई है।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान कैडर में 1 जनवरी 2016 की स्थिति के अनुसार आईपीएस अधिकारियों के 8 पद रिक्त थे। इन्हीं रिक्तियों में से 6 पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा गया है। चयन प्रक्रिया के तहत यूपीएससी की चयन समिति की बैठक में इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और पात्रता पर विचार किया गया था। इसके बाद समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिलने पर गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की।
वर्तमान पदस्थापना की बात करें तो प्रमोट हुए अधिकांश अधिकारी फिलहाल जयपुर में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। राजेंद्र सिंह सिसोदिया एसडीआरएफ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रामस्वरूप शर्मा जयपुर मेट्रो में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजेंद्र प्रसाद खोथ एटीएस जयपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और धनपत राज राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं नरपत सिंह जोधपुर में सीआईडी और रेवंतदान जैसलमेर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
माना जा रहा है कि आईपीएस कैडर में शामिल होने के बाद इन अधिकारियों को जल्द ही नए पदस्थापन दिए जा सकते हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची भी जारी की है, ऐसे में नई पदस्थापनाओं को लेकर भी जल्द फैसला होने की संभावना है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी राजस्थान पुलिस सेवा के कई अधिकारियों को पदोन्नति देकर आईपीएस बनाया गया था। वहीं दूसरी ओर, राज्य की अन्य सेवाओं से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति का मामला अभी भी लंबित है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा नाम भेजे जाने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।