जयपुर

‘विधायक जी जीमण पर तो आ जाते हैं, समस्या बताओ तो जवाब- दिल्ली गए हैं‘, ये हाल है इस विधानसभा क्षेत्र का

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Nov 05, 2018
rajasthan ka ran

- ओमप्रकाश शर्मा

जयपुर। विधायकी के चुनाव में युवा उम्मीदवार... वह भी पहली बार चुनाव मैदान में। जनता की उम्मीद होती है कि वह तो कम से कम पांच साल में अपनी कार्यशैली से कोई अच्छी छाप छोड़ेगा। ऐसे विधायकों के कामकाज को लेकर लोगों की राय क्या है, यह जानने निकले तो जयपुर जिले में पहली सीट बगरू नजर आई। मौजूदा विधायक कैलाश वर्मा 2013 में पहली बार विधायक बने तो उनके सामने खड़े कांग्रेस के प्रहलाद रघु भी युवा हैं। दोनों पांच साल कितने सक्रिय और जनता से जुड़े रहे? इस सवाल पर आए जबावों का निचोड़ यही निकला कि मतदाता दोनों से संतुष्ट नहीं। वर्मा जहां अपने वादे पूरे करने में सफल नहीं रहे, वहीं रघु की पहचान आज भी पूर्व विधायक के रिश्तेदार के तौर पर ही है।

बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 47 में महल रोड पर भवन निर्माण सामग्री की दुकान के बाहर बैठे लोगों से पूछा कि आपका विधायक कौन हैं। जवाब में सभी ने एक स्वर में कैलाश वर्मा का नाम लिया। लगा कि सभी का विधायक से व्यक्तिगत जुड़ाव है। यहां बैठे करतार सिंह मीना, बनवारी लाल, राधेश्याम व अन्य चुनावी चर्चा में ही व्यस्त थे। जब उनसे पूछा कि अपने विधायक से संतुष्ट हैं तो जवाब देने के बजाय सभी एक-एक कर क्षेत्र की समस्या गिनाने लगे। विधायक क्षेत्र में कितने सक्रिय रहे? जवाब में हनुमान शर्मा ने कहा कि सक्रियता किसे कहेंगे। क्षेत्र में वे दिखते हैं तो बस जीमण में। आप कभी भी न्योता दें तो वह सम्मान रखते हुए आते जरूर हैं। जब समस्या सुनाने के लिए संपर्क करो तो जवाब मिलता है दिल्ली गए हैं।

क्षेत्र के बड़े मामलों में उनकी भूमिका के मुद्दे पर बनवारी लाल ने कहा कि चुनावों में दो प्रमुख वादे किए थे, जिसमें बीसलपुर के पानी की लाइन बिछाना महत्वपूर्ण है। फाइलों में कितने ही प्रयास हुए मौके पर तो आज भी कुछ नहीं दिखा। क्या वर्तमान एमएलए को फिर से टिकट दिया जाना चाहिए तो सभी ने गर्दन हिलाते हुए एक मत से ना कहा। क्षेत्र में हुए विकास को लेकर विधायक का दावा बताया तो राधेश्याम का कहना था कि काम कहां हुआ है। वाटिका रोड पर चुनाव चर्चा कर रही विजेता का कहना है कि विकास केवल सडक़, पानी ही नहीं है। उच्च शिक्षा की बात आती है तो किसी के पास कोई जवाब नहीं है। उनकी राय से सहमत होकर हेमलता कहती हंै कि दलों को महिलाओं को भी बराबर अवसर देना चाहिए।

जगतपुरा फाटक से पहले रेल ओवरब्रिज के निकट बुजुर्ग बैठे दिखे तो लगा इनसे सटीक राय और कौन दे सकता है। पहले तो चुनाव शब्द सुनते ही सभी ने मेरी ओर एक टक देखा और एक साथ पूछा भाई कौन सी पार्टी से आए हो। अपना परिचय देते हुए उनसे कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार का नाम पूछा तो चौंकाने वाला रिएक्शन देखा। सभी ने एक दूसरे की ओर देखते हुए पूछा कौन था। उन्हीं में से एक कन्हैया बोले, अरे वो पहले विधायक जो थीं, उनके देवर थे ना। फिर सभी ने गर्दन हिलाते हुए उनके जवाब को सही बताया। हालांकि प्रत्याशी प्रहलाद रघु का नाम किसी ने नहीं लिया। हमने खुद उनका नाम बताते हुए पूछा कि आपके क्षेत्र में उन्होंने किस मुद्दे पर आवाज उठाई।

गोपाल शर्मा ने कहा यहां कौनसा मुद्दा उठाना है। शहरी क्षेत्र सडक़े तो सभी जगह हैं। क्षेत्र की एक मात्र समस्या है पानी की पाइप लाइन। इस पर न रघु दिखे ना ही सत्ता पक्ष वाले। बात खत्म होती उससे पहले कन्हैया लाल और भगवान सहाय सैनी ने बजरी का मुद्दा उठाया। अन्य लोगों ने इसे न्यायिक मामला बताया तो कन्हैया लाल बोले 50 टन बजरी के 75 हजार रुपए दिए तो छत डाल पाए हैं। इस पर हमने तो किसी नेता को बोलते नहीं देखा। क्या कांग्रेस को फिर से प्रहलाद रघु को टिकट देना चाहिए, इस सवाल के जवाब में एक सदस्य को छोड़ सभी ने कहा किसी को भी दे दो। जो सदस्य चुप थे उन्होंने साफ कह दिया कि वह तो सोच चुके हैं कि किस को वोट देना है। जो सहमत नहीं थे, उनसे कारण पूछा तो साफ कह दिया विकास और अन्य मुद्दे अपने जगह हैं। हम तो पार्टी से बंधे हैं। हां प्रत्याशी को लेकर अपनी राय जरूर देंगे। अब तक पूरी चर्चा को शांति से बैठकर सुन रहे प्रशांत दुबे अचानक बोले भाई रहने दो। कौन चुनाव लड़ेगा, कौन सही है सब अपनी जगह हैं। जिसे वोट देना होगा दे देंगे।

Published on:
05 Nov 2018 12:24 pm