
जयपुर/नई दिल्ली। इवीएम की विश्वसनीयता के संकट (EVM Tampering) से निपटने के लिए चुनाव आयोग नए सॉफ्टवेयर से लैस मशीन लाने की तैयारी में है। छेड़छाड़ की कोशिश करते ही ये मशीनें लॉक हो जाएंगी। आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान इनका परीक्षण किया जाएगा। पांचों राज्यों में एक-एक जिले की सीट पर इन्हें लगाया जाएगा। परीक्षण सफल रहा तो 2019 के चुनावों में इनका ही इस्तेमाल होगा।
राजस्थान में अजमेर, छत्तीसगढ़ में दुर्ग, मध्यप्रदेश में इंदौर, मिजोरम में आइजोल तथा तेलंगाना में महबूबनगर जिले में इनका परीक्षण किया जाएगा। आगामी लोकसभा चुनाव में तकरीबन 22.3 लाख बैलट यूनिट, 16.3 लाख कन्ट्रोल यूनिट और लगभग 17.3 लाख वीवीपैट मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।
जिला स्तर पर प्रशिक्षण
चुनाव आयोग के मुताबिक पांचों राज्यों में वीवीपैट के साथ चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों का वीवीपैट उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
भाजपा कार्यालय पर टिकट के दावेदारों की कतार
जयपुर। प्रदेश में विधान सभा चुनाव की आचार सहिंता लगते ही भाजपा कार्यालय में चुनावी माहौल बन गया है। अब जहां प्रदेश कार्यालय पर मैराथन बैठके हो रही हैं वहीं अब प्रदेश भर से टिकट के दावेदारों की भी कतारें लगने लगी है। दावेदार पार्टी पदाधिकारियों को अपने भारी भरकम बायोडेटा दे रहे हैं और खुद को क्षेत्र में विधान सभा चुनाव के टिकट के लिए शसक्त दावेदार भी बता रहे हैं। दावेदार अपनी बात कहते समय यह भी कहते हैं राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी और उन्होंने सर्वे करा कर टिकट देने की बात भी कही थी। उधर पार्टी पदाधिकारी भी टिकट के दावेदारों को निराश नहीं कर रहे हैं। वे उनके बायोडेटा लेकर उचित माध्यम से उपर पहुंचाने का भरोसा दिला रहे है। हालांकि पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि किसे टिकट मिलेगा और किसे नहीं यह संसदीय बोर्ड तय करेगा और अभी टिकट को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में दावेदारों से उनके बायोडेटा लेकर अध्यक्ष के कार्यालय में भेजे जा रहे हैं।