जयपुर

राजस्थान उपचुनाव: कांग्रेस को केवल सबसे कमजोर सीट पर मिली जीत, हार के कारणों की जांच में जुटी पार्टी

निर्वाचन वाले जिले और विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए नेताओं में से अधिकांश ने प्रचार के दौरान पार्टी की स्थिति अच्छी बताई थी, लेकिन परिणाम उलट आए हैं।

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Nov 26, 2024

जयपुर। विधानसभा उपचुनाव में करारी हार के बाद राजस्थान कांग्रेस ने पराजय के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए पर्यवेक्षक व प्रभारियों से रिपोर्ट लेने की तैयारी है। बाद में यह रिपोर्ट प्रदेश इकाई दिल्ली केन्द्रीय नेतृत्व को भेजेगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा उपचुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में पर्यवेक्षक, जिला प्रभारी और विधानसभा प्रभारी लगाने के साथ ही अन्य वरिष्ठ नेताओं को लगाया था। सभी को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया था। अब इन प्रभारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।

बताई बेहतर​ स्थिति, रिजल्ट आए उलट

बताया जा रहा है कि निर्वाचन वाले जिले और विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए नेताओं में से अधिकांश ने प्रचार के दौरान पार्टी की स्थिति अच्छी बताई थी, लेकिन परिणाम उलट आए हैं। इसको लेकर पूछा जाएगा कि कहां कमी रही, जिसकी वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र को लेकर तो पार्टी अंतिम समय तक जीत के प्रति आश्वस्त थी। लेकिन बड़े अंतर से यहां भी पार्टी उम्मीदवार को शिकस्त मिली।

जहां मान रहे थे कमजोर वहीं मिली जीत

उपचुनाव टिकट वितरण के बाद पार्टी के अंदर नेताओं में चर्चा थी कि सबसे कमजोर उम्मीदवार दौसा में है। यहां बड़े नेताओं ने मैच फिक्सिंग तक की बात कही, लेकिन कांग्रेस को सिर्फ दौसा सीट पर ही जीत मिली है। सात में अन्य छह सीटों पर पराजय का सामना करना पड़ा। पार्टी उम्मीदवारों की चार सीटों पर तो जमानत ही जब्त हो गई। इनमें एक सीट देवली-उनियारा है। यहां कांग्रेस ने 2023 में विधानसभा चुनाव जीता था।

Updated on:
26 Nov 2024 10:47 am
Published on:
26 Nov 2024 10:12 am
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