
राजस्थान की भजनलाल सरकार की पहली कैबिनेट बैठक गुरुवार को होगी। बैठक में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को बुलाया गया है। बैठक में भजनलाल सरकार कई बड़े फैसले ले सकती है। सबसे बड़ा फैसला मीसा बंदियों पर हो सकता है। कांग्रेस सरकार ने 2018 में सरकार बनने के करीब दस माह बाद मीसा बंदियों की पेंशन (लोकतंत्र रक्षक सम्मान निधि ) बंद कर दी थी। सरकार पहली ही बैठक में मीसा बंदियों को पेंशन देने पर लगी पाबंदी हटा सकती है। प्रदेश में मीसा और डीआईआर (डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स,1971( बंदियों की संख्या 700 से ज्यादा है। पिछली भाजपा सरकार इन्हें 25 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन के रूप में दे रही थी।
सुबह करीब सवा 11 बजे शुरू होने वाली बैठक में दस से ज्यादा विषयों पर चर्चा होगी। जिसमें वर्तमान में चल रहा आरएएस परीक्षा को स्थगित करने का मुद्दा भी शामिल है। कई मंत्री आरएएस परीक्षा को स्थगित कर तिथि आगे बढ़ाने का दबाव सरकार पर डाल रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार पिछली कांग्रेस सरकार के अंतिम छह माह में किए गए निर्णयों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाने की घोषणा भी कर सकती है।
इन मुद्दों पर कैबिनेट में होगा फैसला
- भाजपा के संकल्प पत्र को नीतिगत दस्तावेज बनाया जाएगा।
- कांग्रेस सरकार के अंतिम छह माह के निर्णयों की समीक्षा के लिए मंत्रियों की समिति बन सकती है
- मीसा बंदियों को पेंशन देने पर निर्णय होगा। इनको पिछली भाजपा सरकार ने लोकतंत्र सेनानी नाम दिया था।
- विकसित राजस्थान बनाने के लिए एक्शन प्लान पर चर्चा होगी।
- सभी विभागों से मांगी गई 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
- आरएएस परीक्षा स्थगित करने की मांग पर भी चर्चा होगी।
- राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया जाएगा।
- फरवरी में प्रस्तावित लेखानुदान पर भी चर्चा होगी।
- पिछली सरकार के अंतिम समय में किए गए टेंडरए जिन पर कार्यादेश जारी नहीं हुए। उन पर भी चर्चा होगी।
- महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा होगी। महाधिवक्ता नियुक्ति का अधिकार सीएम को दिया जा सकता है।
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