
जयपुर। भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या और जयपुर के सांभर क्षेत्र में RSS प्रचारक के साथ थाने के अंदर हुई कथित मारपीट के मामलों के बाद राजस्थान सरकार ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक के बाद एक पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया, छह अधिकारियों को एपीओ किया गया और दो अधिकारियों को उनके पद से हटाया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि आपराधिक घटनाओं और पुलिसकर्मियों के अनुचित व्यवहार के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयपुर के सांभर क्षेत्र में RSS प्रचारक के साथ नरैना थाने के अंदर कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग पर सवाल उठे थे। इस घटना के अगले ही दिन छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। वहीं, नरैना थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया था। एसपी ग्रामीण के निर्देश पर नरैना थाने में थाना प्रभारी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पुलिसकर्मियों के आचरण और थाने के भीतर हुई घटना को लेकर विभागीय कार्रवाई की मांग उठी थी। अब मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद सरकार ने पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।
भरतपुर जिले के बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या का मामला भी सरकार की समीक्षा के केंद्र में रहा। इस वारदात ने क्षेत्र में खनन पट्टे और जमीन से जुड़े विवादों को लेकर कानून-व्यवस्था तथा पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपराधिक घटनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने खनन और भूमि विवादों की जिलेवार विस्तृत सूची तैयार करने तथा उनके निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने माफिया गतिविधियों पर शिकंजा कसने और विवादों को समय रहते सुलझाने के लिए निगरानी मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
सीएम की बैठक के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी। इस क्रम में भरतपुर जिले के वैर थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह को निलंबित किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा गया है। इसके अलावा वृत्ताधिकारी भुसावर नीरज भारद्वाज, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अजमेर अंजू यादव, वृत्ताधिकारी सांभर मुकेश जोशी, वृत्ताधिकारी श्रीगंगानगर विष्णु कुमार खत्री और जयपुर पुलिस आयुक्तालय में तैनात पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया को एपीओ किया गया है।
वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयूसीएडब्ल्यू, जयपुर ग्रामीण बृजमोहन मीणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरथल जया सिंह को उनके पद से हटाया गया है। इस तरह कुल नौ अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि छोटी घटनाओं पर भी तुरंत संज्ञान लिया जाए, ताकि वे गंभीर रूप न लें। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का व्यवस्थित संचालन और स्कूल-कॉलेजों में उनकी गतिविधियां सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।