
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद देश भर के राजनीतिक हलकों में बयानबाजी और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाले पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए उनके कार्यकाल की जमकर सराहना की है। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारतीय शिक्षा जगत के इतिहास में एक 'स्वर्णिम उपलब्धि' के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान के विद्यार्थी जीवन से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक के सफर और शिक्षा क्षेत्र में किए गए बुनियादी सुधारों को विस्तार से रेखांकित किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन के समर्पण को याद करते हुए लिखा कि छात्र जीवन से ही शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित रहे धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा को हमेशा भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव माना है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों विद्यार्थियों की उम्मीदों और तेजी से बदलती वैश्विक जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन बनाते हुए उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देने का काम किया।
सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में मोदी सरकार 2.0 और 3.0 के दौरान शिक्षा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक नीतिगत बदलावों और सुधारों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रभावी और चरणबद्ध क्रियान्वयन को धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सबसे प्रमुख उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि IIT, NEET, JEE और BTech जैसे तकनीकी व प्रतियोगी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई और उनकी प्रवेश परीक्षाओं को हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराकर उन्होंने देश के युवाओं के सामने मौजूद भाषाई बाधाओं को समाप्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धर्मेंद्र प्रधान के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए अपना संदेश समाप्त किया। सीएम ने लिखा कि शिक्षा के क्षेत्र में धर्मेंद्र प्रधान की यह निष्ठा, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित और मार्गदर्शित करता रहेगा।
उन्होंने शिक्षा जगत में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्थान सरकार की ओर से उनका आभार जताया।